- अंकिता भंडारी हत्याकांड
- उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
- सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
देहरादून। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका को लेकर एक बार फिर सियासी विवाद तेज हो गया है। अभिनेत्री उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मामले में रसूखदार लोगों को बचाने के लिए हर संभव हथकंडा अपनाया जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि सच सामने लाने की कोशिश करने वालों को जेल भेजना और मामले के मुख्य संदिग्धों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं करना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का रवैया कथित प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश की ओर इशारा करता है।
नार्को टेस्ट के लिए सहमति के बावजूद गिरफ्तारी पर सवाल
प्रतिमा सिंह ने दावा किया कि उर्मिला सनावर ने अदालत के समक्ष स्वयं नार्को टेस्ट कराने के लिए सहमति दी थी। इसके बावजूद उनकी गिरफ्तारी किए जाने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में मामले से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए।
गौरतलब है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड के चर्चित मामलों में शामिल है। इस मामले में कथित वीआईपी की पहचान और भूमिका को लेकर समय-समय पर राजनीतिक बहस होती रही है। कांग्रेस ने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और सभी तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की है।

