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यमन में भड़का युद्ध: सऊदी अरब ने हूतियों के कब्जे वाले मोखा हवाई अड्डे पर किए भीषण हवाई हमले

सना/रियाद: यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच जारी संघर्ष एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने यमन के रणनीतिक तटीय शहर मोखा (Mocha) के हवाई अड्डे पर भीषण हवाई हमले किए हैं। यह सैन्य कार्रवाई हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर (Red Sea) के इस महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर और उसके हवाई अड्डे पर पूरी तरह से नियंत्रण हासिल करने के ठीक एक दिन बाद हुई है। 
हूती समूह के आधिकारिक ‘अल-मसिराह टीवी’ (Al-Masirah TV) ने पुष्टि की है कि सऊदी लड़ाकू विमानों ने मोखा हवाई अड्डे को निशाना बनाकर कम से कम दो बड़े हवाई हमले किए हैं। इस हमले से क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है और साल 2022 से चला आ रहा नाजुक युद्धविराम अब पूरी तरह से समाप्त होने की कगार पर है

मोखा पर हूतियों का कब्जा: सऊदी अरब के लिए बड़ा झटका

पिछले हफ्ते यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त और सऊदी समर्थित सरकार की सेनाओं के खिलाफ हूतियों ने एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया था। इस आक्रामक हमले के बाद हूतियों ने सऊदी समर्थित बलों को पीछे धकेलते हुए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मोखा बंदरगाह और हवाई अड्डे पर कब्जा कर लिया। 
मोखा शहर भौगोलिक रूप से बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य (Bab el-Mandeb Strait) से महज 75 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार का एक मुख्य मार्ग है जो एशिया और यूरोप को जोड़ता है। मोखा पर नियंत्रण के बाद हूतियों की स्थिति लाल सागर में और मजबूत हो गई है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और वाणिज्यिक जहाजों के लिए खतरा काफी बढ़ गया है। 

हूतियों के घातक हमलों का सऊदी ने दिया जवाब

यह हवाई हमला सऊदी अरब द्वारा अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए की गई जवाबी कार्रवाई माना जा रहा है। इससे पहले, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्सों पर अब तक का सबसे बड़ा और घातक हमला किया था। हूतियों ने कई बैलिस्टिक मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन्स के जरिए सऊदी अरब के आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Abha International Airport), किंग खालिद एयरबेस (King Khalid Airbase) और तेल कंपनी अरामको (Aramco) के ठिकानों को निशाना बनाया था। इस हमले में महिलाओं और बच्चों समेत कम से कम 73 लोग घायल हो गए थे और कई तेल रिफाइनरियों में भीषण आग लग गई थी। 
सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता कर्नल तुर्की अल मलकी ने चेतावनी दी थी कि सऊदी अरब अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा और इन खतरों के स्रोतों को पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा। 

ईरान ने की बातचीत की मांग

मोखा में हूतियों के बढ़ते प्रभाव के बीच ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर सऊदी अरब से यमन की नाकाबंदी खत्म करने की मांग की है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्थिरता की बहाली के लिए बातचीत और राजनयिक प्रयासों को फिर से शुरू करने पर जोर दिया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यमन संकट के इस नए फ्रंट के खुलने से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है और मध्य पूर्व में एक बड़े युद्ध की चिंगारी भड़क सकती है।

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