- केन-बेतवा परियोजना के विरोध में जेल में बंद दिव्या अहिरवार से मिले जीतू पटवारी
- आदिवासियों के अधिकारों को लेकर सरकार पर साधा निशाना
पन्ना। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी सोमवार, 26 अक्टूबर को पन्ना पहुंचे। यहां उन्होंने केन-बेतवा परियोजना के खिलाफ आंदोलन के सिलसिले में करीब 26 दिनों से जेल में बंद दिव्या अहिरवार से मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस के सह प्रभारी रणविजय सिंह लोचव भी मौजूद रहे। पटवारी ने दिव्या अहिरवार के संघर्ष के प्रति समर्थन जताते हुए आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकारों का मुद्दा उठाया।
‘अधिकारों की आवाज दबाने का प्रयास’, कांग्रेस का आरोप
जेल में दिव्या अहिरवार से मुलाकात के बाद जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने अधिकारों और जमीन की रक्षा के लिए आवाज उठाने वाले आदिवासियों को जेल में डालकर उनके आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है।
पटवारी ने दिव्या अहिरवार के करीब 26 दिनों से जेल में बंद होने को चिंताजनक बताते हुए कहा कि छोटे बच्चों तक को जेल में डालने की कार्रवाई सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाती है। उन्होंने आदिवासी समुदाय के साथ कथित अन्याय और दमन पर सवाल उठाए।
पन्ना-छतरपुर के आदिवासियों की जमीन का उठाया मुद्दा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पन्ना और छतरपुर के आदिवासियों के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास परियोजनाओं के नाम पर प्रभावित समुदायों की जमीन और उनके भविष्य को नजरअंदाज किया जा रहा है।
पटवारी के मुताबिक, किसी भी परियोजना को आगे बढ़ाते समय प्रभावित लोगों के अधिकारों और उनकी बात को महत्व देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर आदिवासी समुदाय के हितों की अनदेखी करना उचित नहीं है।
आदिवासियों के समर्थन में आंदोलन जारी रखने की बात
जीतू पटवारी ने कहा कि जेल की सलाखें आदिवासियों के संघर्ष और उनके अधिकारों की आवाज को नहीं रोक सकतीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों और जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए उनके साथ खड़ी रहेगी।
यह बयान कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर है। केन-बेतवा परियोजना के विरोध, दिव्या अहिरवार की गिरफ्तारी और आदिवासियों के अधिकारों को लेकर उठे इस मुद्दे पर सरकार का पक्ष उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति में शामिल नहीं है।

