- पिछले 18 महीनों में 19,477 करोड़ के 54 निवेश प्रस्ताव
- 18 हजार से अधिक रोजगार की संभावना
मुंबई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को फार्मा, बायोटेक और मेडिकल डिवाइस सेक्टर में निवेश का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा। प्रदेश में दवा निर्माण से लेकर एपीआई, अनुसंधान और मेडिकल डिवाइस उत्पादन तक की संपूर्ण वैल्यू चेन विकसित की जा रही है।
मुख्यमंत्री बुधवार को मुंबई के होटल सेंट रेजिस में फार्मा सेक्टर की राउंड टेबल बैठक में प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज “फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड” है और वित्त वर्ष 2024-25 में 30.47 बिलियन डॉलर का फार्मा निर्यात किया है। इसमें मध्यप्रदेश की मजबूत भागीदारी है। प्रदेश के फार्मा उत्पाद 160 से अधिक देशों में पहुंचते हैं और 2023-24 में करीब 11,889 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ है।
प्रदेश में 300 से अधिक फार्मा कंपनियां, 30 से अधिक एपीआई निर्माता हैं। इंदौर, पीथमपुर-धार, भोपाल-रायसेन, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, देवास में क्लस्टर विकसित हैं। 40 मेडिकल कॉलेज, 200 फार्मेसी कॉलेज और 140 इंजीनियरिंग कॉलेज कुशल मानव संसाधन उपलब्ध करा रहे हैं।
*निवेश की स्थिति :* पिछले 18 महीनों में 54 निवेश प्रस्ताव आए हैं जिनमें 19,477 करोड़ का निवेश और 18,646 रोजगार की संभावना है। इनमें से 34 इकाइयों को 12,306 करोड़ के निवेश के लिए भूमि आवंटित हो चुकी है। 14 इकाइयों ने उत्पादन भी शुरू कर दिया है।
*नीतिगत प्रोत्साहन :* उद्योग संवर्धन नीति-2025 में फार्मा को फोकस सेक्टर बनाया गया है। पात्र स्थायी पूंजी निवेश पर 40% तक सहायता, एपीआई और मेडिकल डिवाइस के लिए 1.3 गुना गुणक, R&D व्यय पर 50% सहायता, टेस्टिंग लैब और गुणवत्ता प्रमाणन के लिए 1 करोड़ तक, स्वतंत्र R&D सेंटर के लिए 25 करोड़ तक, निर्यात पर 5 साल तक परिवहन लागत की 50% सहायता, वेस्ट मैनेजमेंट पर 5 करोड़ और जीरो लिक्विड डिस्चार्ज पर 10 करोड़ तक सहायता का प्रावधान है।
*विक्रम उद्योगपुरी और रतलाम :* उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी मेडिकल डिवाइस पार्क में 57 इकाइयों को आवंटन और 17 ने उत्पादन शुरू किया है। 2,374 करोड़ निवेश और 9,625 रोजगार की संभावना है। रतलाम में 1,666 हेक्टेयर में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क विकसित हो रहा है।
बैठक में एनक्यूब एथिकल्स, आईपीसीए, अजंता फार्मा, ल्यूपिन, मैक्लियोड्स, अमोली, गुफिक, सिप्ला, ग्लेनमार्क, एल्केम सहित IDMA के महासचिव टोनी परमार आदि मौजूद रहे। निवेशकों ने कहा कि एमपी की नीतियों से वे जल्द प्रदेश में निवेश करेंगे।

