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अनंत अंबानी की स्पीच पर भावुक हुए मुकेश अंबानी, जियो बनी भारत की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी

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  • अनंत अंबानी की स्पीच सुन भावुक हुए मुकेश अंबानी,
  • जियो की शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री
  • देश की दूसरी सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी बनी

मुंबई | 28 अक्टूबर 2026

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी बुधवार को जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग के ऐतिहासिक मौके पर भावुक नजर आए। उनके बेटे अनंत अंबानी और बेटी ईशा अंबानी ने जब मंच से परिवार की विरासत, कंपनी के सफर और देश के करोड़ों लोगों के योगदान का जिक्र किया, तो मुकेश अंबानी की आंखों में आंसू आ गए। कार्यक्रम में वह पत्नी नीता अंबानी और अपने तीनों बच्चों के साथ मौजूद थे।

यह मौका अंबानी परिवार के लिए कारोबारी उपलब्धि के साथ भावनात्मक रूप से भी खास रहा। जियो प्लेटफॉर्म्स ने शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की और बाजार पूंजीकरण के लिहाज से भारत की दूसरी सबसे बड़ी सूचीबद्ध कंपनी बन गई।

अनंत अंबानी बोले—जियो को देश के लोगों ने बनाया

जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग सेरेमनी में अनंत अंबानी ने अपने संबोधन की शुरुआत आभार व्यक्त करते हुए की। उन्होंने कहा कि इस दिन को संभव बनाने वाले उन लाखों लोगों का धन्यवाद, जिन्होंने जियो पर भरोसा किया।

अनंत ने कारोबार को पूजा से जोड़ते हुए कहा कि उनके लिए एक्सचेंज की घंटी मंदिर की घंटी की तरह होगी, क्योंकि उनके लिए कारोबार पूजा है और हर पूजा के बाद प्रसाद बांटा जाता है। उन्होंने कहा कि आज जियो को भारत के साथ साझा करने का दिन है।

अनंत ने अपने दादा धीरूभाई अंबानी के सपने, पिता मुकेश अंबानी के मार्गदर्शन, दादी के आशीर्वाद और मां से मिले संस्कारों का उल्लेख किया। उन्होंने भाई आकाश और बहन ईशा के साथ मिलकर परिवार की विरासत को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी जताई।

उन्होंने जियो की सफलता का श्रेय केवल कारोबार को नहीं, बल्कि उन भारतीयों को भी दिया जिन्होंने इस सेवा को अपनाया और इसे करोड़ों लोगों की डिजिटल जिंदगी का हिस्सा बनाया।

ईशा अंबानी ने याद दिलाए पिता के संघर्ष के दिन

ईशा अंबानी ने अपने संबोधन में परिवार के पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि हाल ही में एक पारिवारिक डिनर के दौरान मुकेश अंबानी वर्ष 1977 में रिलायंस के पहले पब्लिक इश्यू से जुड़े अपने अनुभव साझा कर रहे थे। उस समय मुकेश अंबानी की उम्र महज 20 वर्ष थी और उनके पिता धीरूभाई अंबानी ने कंपनी को आम लोगों तक पहुंचाने का सपना देखा था।

ईशा ने जियो की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि कंपनी की सफलता के पीछे ग्राहकों का भरोसा है। उन्होंने अपने भाई आकाश अंबानी की मेहनत की भी सराहना की, जो लंबे समय से जियो के कारोबार को आगे बढ़ाने में जुटे हैं।

पिता के संघर्ष और परिवार की यात्रा का जिक्र सुनते समय मुकेश अंबानी भावुक हो गए। इस दौरान उन्हें आंखों से आंसू पोंछते हुए देखा गया।

शेयर बाजार में जियो की शानदार शुरुआत

जियो प्लेटफॉर्म्स ने 28 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में अपनी शुरुआत की। कंपनी के शेयर 1,119 रुपये के आईपीओ इश्यू प्राइस के मुकाबले नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर करीब 1,358 रुपये और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लगभग 1,359 रुपये पर सूचीबद्ध हुए। यह इश्यू प्राइस से लगभग 21.4 प्रतिशत अधिक था।

 

        जियो आईपीओ: प्रमुख आंकड़े

IPO इश्यू प्राइस         NSE पर लिस्टिंग प्राइस      लिस्टिंग पर बढ़त          IPO का आकार     ₹1,119                          ₹1,358                 लगभग 21.4%           ₹30,213 करोड़

अनुमानित बाजार पूंजीकरण

₹12.5–12.6 लाख करोड़

आंकड़े लिस्टिंग के शुरुआती कारोबार और प्रकाशित रिपोर्टों पर आधारित हैं। शेयर का भाव बाजार में बदल सकता है।

इस लिस्टिंग के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स का बाजार पूंजीकरण लगभग 12.5 से 12.6 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस आधार पर कंपनी भारत की दूसरी सबसे बड़ी सूचीबद्ध कंपनी बन गई और बाजार मूल्य के लिहाज से भारती एयरटेल तथा एचडीएफसी बैंक से आगे निकल गई।

530 मिलियन से अधिक ग्राहकों तक पहुंचा जियो

जियो ने पिछले एक दशक में भारत के दूरसंचार और डिजिटल सेवा क्षेत्र में महत्वपूर्ण विस्तार किया है। कंपनी के 530 मिलियन से अधिक ग्राहक हैं। इसकी सेवाओं ने मोबाइल इंटरनेट और डिजिटल कनेक्टिविटी को बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई है।

जियो की लिस्टिंग रिलायंस समूह के लिए भी महत्वपूर्ण है। लगभग दो दशक बाद समूह की किसी प्रमुख कंपनी की यह बड़ी शेयर बाजार लिस्टिंग है। इससे निवेशकों को जियो के कारोबार में सीधे हिस्सेदारी लेने का अवसर मिला है।

हालांकि, कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन पर दूरसंचार क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा, बड़े पूंजीगत निवेश और नियामकीय बदलावों का असर पड़ सकता है। इसलिए मजबूत लिस्टिंग के बावजूद निवेशकों के लिए शेयर के मूल्यांकन और कंपनी की दीर्घकालिक कारोबारी संभावनाओं पर नजर रखना महत्वपूर्ण रहेगा।

परिवार की विरासत और कारोबार का नया अध्याय

जियो की लिस्टिंग के दौरान मुकेश अंबानी का भावुक होना कार्यक्रम का सबसे चर्चित दृश्य बन गया। एक ओर कंपनी ने शेयर बाजार में बड़ी उपलब्धि हासिल की, तो दूसरी ओर अनंत और ईशा के संबोधनों ने परिवार के संघर्ष, पुरानी पीढ़ी के सपनों और नई पीढ़ी की जिम्मेदारियों को सामने रखा।

जियो की बाजार में शुरुआत अब केवल रिलायंस समूह की कारोबारी उपलब्धि नहीं, बल्कि कंपनी के अगले विकास चरण की भी शुरुआत है। आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि जियो अपनी तकनीकी सेवाओं, ग्राहकों और कारोबार के विस्तार के जरिए इस उपलब्धि को किस तरह आगे बढ़ाता है।

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