नई दिल्ली। बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद एवं अभिनेत्री कंगना रनौत की कथित विवादित टिप्पणी को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पप्पू यादव ने आग्रह किया है कि इस मामले को लोकसभा की विशेषाधिकार समिति के पास भेजा जाए ताकि सांसद के आचरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
अपने पत्र में पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि 28 जुलाई को हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से सांसद कंगना रनौत ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक सार्वजनिक पोस्ट साझा की, जिसमें देश की युवतियों, विशेषकर नीट पेपर लीक के विरोध में आंदोलन कर रही छात्राओं को लेकर “अत्यंत आपत्तिजनक, अपमानजनक और गरिमाहीन” टिप्पणी की गई।
‘संसद की गरिमा के अनुरूप नहीं है ऐसा आचरण’
पप्पू यादव ने अपने पत्र में कहा कि एक सांसद होने के नाते सार्वजनिक मंच पर दिए जाने वाले बयान अत्यंत जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ होने चाहिए। उनका कहना है कि किसी भी वर्ग, विशेषकर छात्राओं और महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी संसद की गरिमा और संविधान की मूल भावना के विपरीत है।
उन्होंने लिखा कि जनप्रतिनिधियों से समाज सकारात्मक संदेश की अपेक्षा करता है, लेकिन इस प्रकार की टिप्पणियां महिलाओं के सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों को आहत करती हैं। इसलिए इस मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
विशेषाधिकार समिति को भेजने की मांग
पत्र में पप्पू यादव ने लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया कि मामले को लोकसभा विशेषाधिकार समिति के पास भेजा जाए ताकि यह जांच हो सके कि सांसद के आचरण से सदन की गरिमा और विशेषाधिकारों का उल्लंघन हुआ है या नहीं। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संसदीय नियमों के तहत आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
राजनीतिक माहौल गरमाया
कंगना रनौत की कथित टिप्पणी को लेकर राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। विपक्षी दल इस मामले में भाजपा से स्पष्टीकरण की मांग कर रहे हैं, जबकि भाजपा की ओर से इस विषय पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
क्या होता है विशेषाधिकार समिति?
लोकसभा की विशेषाधिकार समिति संसद सदस्यों के विशेषाधिकारों और सदन की गरिमा से जुड़े मामलों की जांच करती है। यदि किसी सांसद के आचरण को संसदीय मर्यादा के विपरीत माना जाता है तो समिति जांच कर अपनी रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष को सौंपती है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
आप खबर में यह संदर्भ जोड़ सकते हैं। ध्यान रहे कि कंगना रनौत के कथित बयान को आरोप/दावे के रूप में और संक्षेप में प्रस्तुत करना उचित होगा, क्योंकि इसी बयान पर विवाद और शिकायत हुई है।
कंगना ने क्या कहा था?
विवाद की शुरुआत तब हुई जब भाजपा सांसद कंगना रनौत ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर नीट पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र आंदोलन से जुड़े वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदर्शनकारियों, खासकर Gen Z (युवा पीढ़ी) को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कुछ युवाओं को “Generation Gutter” (जनरेशन गटर) बताया और कहा कि आंदोलन के वीडियो “बेहद भद्दे और आपत्तिजनक” हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ युवा पढ़ाई से अधिक नशे, शराब और गैर-जिम्मेदार जीवनशैली को बढ़ावा देते हैं तथा उनकी भाषा और व्यवहार समाज के लिए स्वीकार्य नहीं हैं। इन टिप्पणियों को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
इसी बयान पर पप्पू यादव की आपत्ति
पप्पू यादव ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे पत्र में कहा कि कंगना रनौत की टिप्पणियां देश की युवतियों, विशेषकर नीट पेपर लीक के विरोध में आंदोलन कर रही छात्राओं का अपमान करती हैं। उन्होंने इसे महिलाओं की गरिमा और संसद की मर्यादा के प्रतिकूल बताते हुए मामला लोकसभा की विशेषाधिकार समिति को भेजने तथा संसदीय नियमों के तहत उचित कार्रवाई करने की मांग की है।


