- उज्जैन में गुदरी चौराहा से हरसिद्धि पाल तक 15 मीटर चौड़ी होगी सड़क
- 136 भवन होंगे प्रभावित
- सिंहस्थ से पहले 14 करोड़ से होगा विकास
उज्जैन। सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों को लेकर उज्जैन नगर निगम ने शहर के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त मार्गों में से एक के विकास की तैयारी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर महापौर मुकेश टटवाल एवं निगम अध्यक्ष कलावती यादव के मार्गदर्शन में गुदरी चौराहा से पानदरिबा होते हुए हरसिद्धि पाल तक करीब 570 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जाएगा।
नगर निगम के अनुसार इस पूरे प्रोजेक्ट पर राज्य शासन द्वारा स्वीकृत लगभग 14 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी।
क्यों जरूरी है यह मार्ग?
नगर निगम का कहना है कि यह मार्ग सिर्फ एक सामान्य सड़क नहीं है, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से शहर की लाइफलाइन है।
1. *महाकाल सवारी मार्ग:* बाबा महाकाल की शाही सवारी इसी मार्ग से होकर गुजरती है।
2. *पेशवाई मार्ग:* सिंहस्थ के दौरान निकलने वाली पेशवाई का यह प्रमुख मार्ग है।
3. *श्रद्धालुओं का मुख्य रास्ता:* रामघाट, हरसिद्धि मंदिर और महाकाल क्षेत्र की ओर जाने वाले लाखों श्रद्धालु और आम नागरिक इसी मार्ग का उपयोग करते हैं।
सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है, जिससे इस मार्ग पर भारी यातायात दबाव रहता है। वर्तमान में संकरी सड़क के कारण जाम और अव्यवस्था की स्थिति बनती है, जिसे देखते हुए सड़क की क्षमता बढ़ाना अनिवार्य माना गया है।
136 भवनों पर आएगी आंच, नपती और मार्किंग शुरू
प्रस्तावित चौड़ीकरण के दायरे में कुल 136 भवन प्रभावित होना प्रस्तावित हैं। नगर निगम ने मंगलवार से इसको लेकर जमीनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के निर्देश पर भवन निरीक्षक सुश्री सौम्या चतुर्वेदी और नगर निगम की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची। टीम द्वारा पूरे 570 मीटर मार्ग की नपती की गई और प्रस्तावित 15 मीटर सड़क की सीमा की मार्किंग की गई। साथ ही प्रभावित होने वाले भवनों का चिह्नांकन कर जानकारी संकलित की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार नपती और सर्वे का कार्य पूरा होने के बाद नियमानुसार नोटिस और अन्य वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
क्या मिलेगा फायदा?
नगर निगम के अनुसार इस चौड़ीकरण के बाद –
– यातायात सुगम और व्यवस्थित होगा।
– सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं को रामघाट और हरसिद्धि क्षेत्र तक पहुंचने में आसानी होगी।
– महाकाल सवारी के दौरान भीड़ प्रबंधन बेहतर हो सकेगा।
– क्षेत्र के स्थायी निवासियों को भी जाम से राहत मिलेगी।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए शहर के अन्य प्रमुख मार्गों के विकास और चौड़ीकरण को भी प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है, ताकि 2028 से पहले शहर की आधारभूत संरचना को मजबूत किया जा सके।


