बुडापेस्ट। हंगरी ने बुडापेस्ट स्थित रूसी दूतावास के 10 राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। हंगरी सरकार ने इन राजनयिकों की गतिविधियों को अस्वीकार्य और वियना संधि का उल्लंघन बताया है।
विदेश मंत्री अनीता ओर्बान ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रूसी राजदूत को सूचित कर दिया गया है कि रूसी मिशन के 10 सदस्यों ने देश में ऐसी गतिविधियों में हिस्सा लिया, जो वियना संधि के तहत राजनयिकों के लिए अस्वीकार्य हैं।
हालांकि विदेश मंत्री ने उन कथित गतिविधियों के बारे में विस्तार से नहीं बताया और न ही यह जानकारी दी कि रूसी कर्मचारियों को कितने समय में देश छोड़ने को कहा गया है।
वियना संधि एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है जिसके तहत राजनयिकों के कामकाज और उनकी सीमाओं को विनियमित किया जाता है।
बताया जा रहा है कि यह कदम प्रधानमंत्री पीटर मैग्यार की नई विदेश नीति के तहत उठाया गया है। मैग्यार ने इस साल की शुरुआत में देश की रूस-समर्थक नीतियों को खत्म करने का वादा करते हुए पदभार ग्रहण किया था। इससे पहले प्रधानमंत्री रहे विक्टर ओर्बन को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का करीबी सहयोगी माना जाता था।
हंगरी की विदेश मंत्री ने एक बयान में कहा, ‘‘यह फैसला हंगरी की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा करता है। इसका अभिप्राय रूस के साथ राजनयिक संबंध तोड़ना नहीं है। हंगरी आपसी सम्मान और नियमों के पालन के आधार पर जरूरी बातचीत जारी रखना चाहता है।’’
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