- ललितपुर के रैकेट ने नकली रैपर, नकली QR कोड लगाकर बांदा ब्लॉक के गांवों में खपाई शराब, कई दुकानें सील
- गुजरात के भावनगर में भी सामने आया था नकली जहरीली शराब का मामला
- मध्यप्रदेश से सटे राज्यों में बन रही जहरीली शराब : एम पी के लोग हो रहे शिकार
*सागर/झाँसी / ललितपुर ।* मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा ब्लॉक में जहरीली शराब से हुई 12 से 15 लोगों की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस पूरे कांड के पीछे उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले से सक्रिय शराब माफियाओं का रैकेट है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक ललितपुर के अपराधी नकली शराब तैयार कर कम दामों पर सागर के सीमावर्ती गांवों में सप्लाई कर रहे थे। पिछले दिनों ललितपुर पुलिस ने नकली शराब के एक गिरोह को पकड़ा था। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया था कि वे सागर के बंडा क्षेत्र में नकली शराब की सप्लाई करते हैं।
आरोपियों ने बताया कि वे ललितपुर निवासी रवि लखेरा, उसकी पत्नी शिवानी लखेरा, चंद्रेश लोधी और मोना राजा के साथ मिलकर नकली शराब बनाते थे। नकली शराब पर नकली रैपर, नकली ढक्कन लगाकर और नकली QR कोड चिपकाकर उसे असली जैसा बनाते थे, फिर गाड़ियों और बाइकों से सागर के विभिन्न गांवों में पहुंचाते थे।
जांच में पता चला है कि यह नकली शराब सागर के ग्राम बांदरी, बढ़ोदिया, गूगरा खुर्द, नौराज, बैराज सहित कई गांवों में सप्लाई की गई।
घटना के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। सागर में शराब दुकानों और अवैध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। कई दुकानों को सील भी किया गया है। पुलिस ने शराब के सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं और पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।
गौरतलब है कि इससे पहले गुजरात के भावनगर में जहरीली शराब से 10 लोगों की मौत हुई थी, जिसमें उज्जैन कनेक्शन भी सामने आया था। अब सागर की घटना ने एक बार फिर अवैध शराब कारोबार पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ यादव बोले आरोपी बख्से नहीं जाएँगे
जहरीली शराब मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का सख्त रुख देखने को मिला है विदेश यात्रा के दोरान ही घटना की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियो को निर्देश देते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाही करने को कहा है



