नयी दिल्ली। सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर सामने आई है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब के साथ एक नए परमाणु सहयोग समझौते को मंजूरी दे दी है। इस समझौते के तहत सऊदी अरब को परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए अमेरिकी तकनीक और सहयोग मिल सकेगा।
सूत्रों का कहना है कि समझौते में सऊदी अरब को सीमित स्तर पर यूरेनियम संवर्धन की अनुमति दिए जाने पर भी विचार किया गया है। हालांकि अंतिम शर्तों को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
समझौते के मुख्य बिंदु
*1. ऊर्जा सहयोग को बढ़ावा* यह समझौता सऊदी अरब को तेल पर निर्भरता कम कर परमाणु ऊर्जा के जरिए बिजली उत्पादन में मदद करेगा। अमेरिका का मकसद मध्य पूर्व में ऊर्जा क्षेत्र में अपनी साझेदारी मजबूत करना है। *2. यूरेनियम संवर्धन का मुद्दा* रिपोर्ट के मुताबिक समझौते में "123 समझौते" के तहत सहयोग का प्रावधान है। इसमें सऊदी को कड़े निगरानी मानकों के साथ सीमित यूरेनियम संवर्धन की छूट मिल सकती है। अमेरिका पहले इस मुद्दे पर सख्त रुख रखता था। *3. क्षेत्रीय संतुलन पर असर* विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से खाड़ी क्षेत्र में परमाणु ऊर्जा की दौड़ तेज हो सकती है। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को देखते हुए अमेरिका सऊदी को एक भरोसेमंद ऊर्जा साझेदार के रूप में देख रहा है।
*Disclaimer:* _यह खबर सूत्रों के हवाले से है। आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

