नई दिल्ली || गृह मंत्री ने पूर्वोत्तर क्षेत्र और जम्मू-कश्मीर में शांति बहाल करने में सीआरपीएफ की भूमिका की सराहना की
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज कहा कि देश ने अगले महीने की 31 तारीख तक नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया है। आज गुवाहाटी में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल-सीआरपीएफ के 87वें स्थापना दिवस परेड पर श्री शाह ने कहा कि सीआरपीएफ ने देश की अतुलनीय सेवा की है। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ के जवान और कोबरा बटालियन देश को नक्सल मुक्त बनाने के लिए काफी महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र, जम्मू कश्मीर और माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाल करने में सीआरपीएफ की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा सीआरपीएफ के कारण ही संभव है। श्री शाह ने कहा कि हिंसाग्रस्त मणिपुर में शांति स्थापित करने के लिए सीआरपीएफ की कई बटालियन तैनात की गई हैं। उन्होंने देश की रक्षा में प्राणों की आहुति देने वाले सीआरपीएफ के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब तक 2 हजार 270 जवानों ने देश की सेवा में अपने प्राणों की आहुति दी है, जिनमें अकेले पूर्वोत्तर के 700 जवान शामिल हैं।
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री ने औपचारिक परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। उन्होंने सीआरपीएफ कर्मियों को उनके असाधारण शौर्य के लिए वीरता पदक भी प्रदान किए। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा भी इस अवसर पर उपस्थित थे। श्री शाह बाद में गुवाहाटी के निकटवर्ती क्षेत्र कचुटोली में 10वीं असम पुलिस बटालियन के नए परिसर की आधारशिला रखेंगे।
