नई दिल्ली || प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के बीच नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता हुई | भारत और ब्राजील ने आज नई दिल्ली में डिजिटल साझेदारी, दुर्लभ खनिज तथा महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग, लघु और मध्यम उद्यम तथा तटीय क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों में कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुई इनासियो लूला दा सिल्वा के बीच हुई बैठक में द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की गई। दोनों नेताओं ने बहुपक्षीय मंचों में सहयोग, सुधारित बहुपक्षवाद, वैश्विक शासन और वैश्विक दक्षिण से संबंधित मुद्दों सहित पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
अपने संयुक्त बयान में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति लूला के नेतृत्व में भारत-ब्राजील संबंध मजबूत हुए हैं। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार संबंध 20 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएंगे। इससे पहले, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा का औपचारिक स्वागत किया। ब्राजील के राष्ट्रपति ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि महात्मा गांधी के मूल्य और आदर्श भारत-ब्राजील साझेदारी को प्रेरित करते रहते हैं। भारत और ब्राजील के बीच सौहार्दपूर्ण, घनिष्ठ तथा बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी है, जो साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रमुख क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग पर आधारित है। भारत और ब्राजील 2006 से रणनीतिक साझेदार हैं। ब्राजील, लैटिन अमरीकी देशों में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल्स, नवीकरणीय ऊर्जा सहित ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा नवाचार जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग लगातार गहराता रहा है। दोनों देशों के संयुक्त राष्ट्र सुधार, जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद से निपटने सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर समान विचार हैं।
भारत और ब्राजील के बीच ब्रिक्स, आईबीएसए, जी20, जी-4, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन, वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन जैसे बहुपक्षीय मंचों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र, विश्व व्यापार संगठन और यूनेस्को जैसे बड़े बहुपक्षीय संगठनों में भी मित्रता है।
