उज्जैन के उन्हेल में मध्य प्रदेश शिक्षा बोर्ड की पांचवी आठवीं की परीक्षा व्यवस्था फेल नजर आई , परीशा केंद्र पर पहले दिन हु अव्यवस्थाओं का अंबार देखने को मिला , मोके पर कोई नोटिस बोर्ड नहीं रखा गया ,बच्चो के बैठने की व्यवस्था नहीं रखी गई , केंद्र पर 9:30 बजे तक पेपर कापी का वितरण तक नहीं किया गया , परीक्षा मैं बैठने के लिए मासूम बच्चे रोते बिलखते रहे, कई पालक गण परेशान होते रहे।
हाल ही में मध्य प्रदेश शिक्षा ने आनन-फानन में पांचवी आठवीं बोर्ड परीक्षा की घोषणा कर दी अब राज्य शिक्षा की अपनी ज़िद के कारण लाखों बच्चों का भविष्य खतरे में है आपको बता दें कि कोरोनाकाल से ही बच्चों का शैक्षणिक स्तर बहुत ही कमजोर हो चुका है। क्योंकि शासन के निर्देश अनुसार बच्चों की क्लास प्रमोट की गई लेकिन उनके शैक्षणिक स्तर में कोई सुधार नहीं हुआ ऐसे में मध्य प्रदेश शिक्षा की जिद के कारण लाखों बच्चों का भविष्य खतरे में है यही नहीं राज्य शिक्षा केंद्र के द्वारा ली जा रही पांचवी आठवीं की बोर्ड परीक्षा केंद्र शासकीय उच्चतर माध्यमिक कन्या शाला उन्हेल में तो अव्यवस्थाओं का अंबार लग गया ना कोई नोटिस बोर्ड चस्पा किया जिसे देखकर बच्चे परीक्षा कक्ष में जा सके ना बैठने की व्यवस्था ना दरी की व्यवस्था यहीं नहीं 9:30 तक सकडो बच्चों को अपने कक्ष नहीं मिले इस अव्यवस्था के बीच बच्चों को बिना रोल नंबर से ही बिठा दिया गया रोल नंबर और परिक्षा कक्षा नहीं मिलने से कई बच्चे रोते बिलखते रहे ।केंद्राध्यक्ष और जिम्मेदारों से जो चर्चा करना चाहा तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ दिया कि हमारे पास संख्या अधिक है और बैठने की व्यवस्था नहीं है अब इसमें इन मासूम बच्चों का क्या दोष। कई अभिभावक और अशासकीय स्कूल संचालक में आक्रोश है कि अगर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होता है तो इसका जिम्मेदार राज्य शिक्षा केंद्र रहेगा।
मध्य प्रदेश शिक्षा बोर्ड की पांचवी और आठवीं के एग्जाम है दोनों कक्षाओं के हिंदी विषय के पेपर है। जिसका समय सुबह 9:00 से 11:30 तक का निर्धारित किया गया है। शासकीय कन्या शाला स्कूल केंद्र पर 300 के आसपास बच्चे बैठने की क्षमता है करीब 600 बच्चों को बिठाया गया है


