उज्जैन | मध्यप्रदेश में चुनावी तारीखों की घोषणा होने और उसके बाद राजनेतिक दलों के द्वारा प्रत्याशियों के नाम की घोषणा किये जाने के बाद से विरोध की खबरे प्रदेश भर से आ रही है | लेकिन उज्जैन में विरोध ने दो अलग अलग स्वरुप ले लिए है |
उज्जैन की उत्तर विधानसभा में कांग्रेस ने अभी अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा की है कांग्रेस की पहली लिस्ट में ही पहली बार उज्जैन उत्तर का नाम शामिल कर लिया गया , यह कांग्रेस ने जातिगत कार्ड खेलते हुए ब्राहमण प्रत्याशी को मैदान में उतारा है |
कांग्रेस ने उज्जैन उत्तर से माया राजेश त्रिवेदी को अपना प्रत्याशी बनाया है , जबकि कांग्रेस से ही टिकिट मांग रहे विवेक यादव को इस बार फिर पार्टी ने टिकिट नहीं दिया गया |
विवेक यादव का आरोप है की कांग्रेस ने बागी प्रत्याशी को मोका देकर निष्ठावान को दरकिनार कर दिया है |
उज्जैन उत्तर की इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी घोषित होने के बाद पहला राजनेतिक ड्रामा टिकिट वितरण को लेकर शुरू हुआ जिसमे कांग्रेस के नेता विवेक यादव ने टिकिट ना मिलने पर टिकिट घोषणा के दिन ही दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सदस्यता ले ली और अब उनका नाम उज्जैन उत्तर से आम आदमी पार्टी की टिकिट पर माना जा रहा है |
जबकि दूसरा ड्रामा जातिगत होकर ब्राहमण वर्सेस दलित हो गया है , कांग्रेस प्रत्याशी माया त्रिवेदी के पर दलित समाज का आरोप है की उनके द्वारा ब्राहमण समाज की एक बैठक में कहा गया था की वह एस्ट्रो सिटी एक्ट का विरोध करेंगी , इसी के बाद से कांग्रेस प्रत्याशी को टिकिट मिलने के पहले ही दलित समाज ने पुतले भी जलाए और विरोध भी किया |
सोशल मिडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से अपील
whatsaap ग्रुप में एक पोस्ट कांग्रेस नेता के द्वारा ही डाली गई है जिसके माध्यम से एस सी एस टी समाज के लोगो से अपील की गई है की माया त्रिवेदी के पति द्वारा उनसे जुड़े लोगो से दलित समाज के लोगो को सोशल मिडिया के प्लेटफार्म से हटाया जाए , इसी को लेकर कंर्गेस नेता ओम घुरेया ने एक पोस्ट बनाकर डाली है और माया त्रिवेदी का विरोध किया है |
बाय काट माया के पोस्टर फेसबुक पर चर्चा का विषय बने
इधर दलित समाज के खिलाफ कांग्रेस प्रत्याशी के विचार आने के बाद अब सोशल मिडिया पर बाय काट माया के नाम से पोस्टर भी चल गए है | फेसबुक पर बहुत तेजी से एक पोस्ट कई लोगो के द्वारा चलाई जा रही है जिसमे बाय काट माया उज्जैन उत्तर लिखा गया है | जो कही ना कही कांग्रेस प्रत्याशी के लिए नयी परेशानी बन चूका है |
मुस्लिम प्रत्याशी से परेज किया तो ब्राहमण कार्ड में फंसी कांग्रेस
उज्जैन उत्तर विधानसभा हालाकि कांग्रेस के पास नहीं पिछले 4 चुनाव तो सतत कांग्रेस हारी है और इसके पहले भी कांग्रेस इस सीट को अपना स्थाई नहीं बना पाई ,हालाकि इस सीट पर मुस्लिम बाहुल्य वोट है जो की निर्णायक भूमिका अदा करते है लेकिन इसके बाद भी धार्मिक नगरी होने के चलते कांग्रेस यह पर किसी मुस्लिम दावेदार को यह अपना प्रत्याशी नहीं बनाती |
यही नहीं प्रदेश में भोपाल की दो सीट छोड़ दी जाए तो कांग्रेस और कही भी अपना प्रत्याशी नहीं उतारती है, जबकि एक समय पर मध्यप्रदेश में एक दर्जन मुस्लिम विधायक हुआ करते थे , प्रदेश में 30 सीट ऐसी है जहा पर मुस्लिम मतदाताओ का बोलबाला है , बावजूद कांग्रेस मुस्लिम प्रत्याशी उतारने में परहेज करती है |
यही कारण है की कांग्रेस अब मुस्लिम मतदाताओ को भी खोती जा रही है और मुस्लिमो का रुझान आम आदमी पार्टी की और होने लगा है | आने वाले समय में मध्यप्रदेश में आम आदमी पार्टी मुस्लिम मतदाता को अपना बना लेगी |

