सोनकच्छ :- भारतीय जनता पार्टी का व्यावसायिक वर्ग व नवमतदाता सम्मेलन के साथ संवाद, संगोष्टी एवं सम्मान समारोह सोमवार को स्थानीय मंडी व्यापारी धर्मशाला में हुआ । समारोह पश्चात भाजपा मंडल द्वारा पत्रकार वार्ता भी रखी गई । जिसमे सांसद महेंद्रसिंह सोलंकी नगर के पत्रकारों से चार सालों में पहली बार रूबरू हुए।

पत्रकार वार्ता के दौरान विधानसभा क्षेत्र में निष्क्रियता को लेकर सवाल करने पर सांसद सोलंकी भड़क गए और पत्रकारों को कहा कि आप लोगो को सीख-पढ़ा कर भेजा गया है । मैं लोकसभा अंतर्गत आने वाली आठों विधानसभा में सक्रिय हूँ । जिसमे 3000 गाँव है , 200 पंचायत, 13 नगर पंचायत/परिषद है, 4 नगर पालिका/परिषद है और एक नगर निगम है जिनमें 30 लाख की जनसंख्या रहती है । जहां-जहां मुझे बुलाया जाता है, जहां आवश्यकता रहती है वहाँ जाने का प्रयास करता हूँ । जबसे चुनाव जीता हूँ एक दिन भी मैं घर नही बैठा हूँ, जिसकी पुष्टि के लिए उन्होंने फेसबुक पेज का हवाला दिया। चार साल में पत्रकारों के साथ पहली बार वार्ता करते हुए बताया कि पत्रकार वार्ता केवल जिला मुख्यालय पर ही होती, जबकि सांसद सोलंकी को यह भी ध्यान नही रहा कि सांसद स्वयं उस समय पत्रकार वार्ता में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे । जिसका की स्थान भी स्वयं सांसद सोलंकी ने ही प्रकाश व्यवस्था को देखते हर अंतिम समय पर बदल था । जब सोनकच्छ विभानसभा मे कोरोना काल के समय किए सेवा कार्यो के बारे में सांसद से पूछा तो घुमा-फिराकर जिला मुख्यालय देवास के अस्पतालों के बारे में जवाब देते रहे । जबकि सोनकच्छ क्षेत्र में कोरोना काल में अपना कोई सेवाकार्य नहीं बता पाए। सवाल करते हुए पत्रकारों से बौखलाए सांसद सोलंकी यह तक कह गए कि आज आप बड़ी तैयारी से मुझे घेरने के लिए आये है, सोनकच्छ में सज्जन वर्मा जितनी बार आये है उनसे अधिक समय मैं आया हूँ । कोरोना काल मे क्षेत्रिय विधायक सज्जन सिंह वर्मा को निष्क्रिय बताया जबकि सांसद यह भूल गए कि विधायक वर्मा ने 50 लाख रुपये विधायक निधि से ऑक्सीजन प्लांट के लिए और 10 लाख रुपये दवाईयों के लिए तुरंत स्वीकृति दी थी। सांसद द्वारा ग्राम साँवेर में एक समाज की धर्मशाला निर्माण के लिए राशि की घोषणा सांसद निधि से की गई थी जिसका सवाल पूछने पर पत्रकारों से पत्रकार आईडी मांगने लगे और पत्रकार वार्ता छोड़ निकल गए ।

कार्यक्रम में पहले ही सांसद 90 मिनट लेट पहुँचे, कार्यकर्ता और लाड़ली बहना को भीषण गर्मी में इंतजार करना पड़ा। घंटों इंतजार के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने अपनी बात रखना चाहिए तो उन्होंने लिखित आवेदन देने के लिए कहा साथ ही कहा कि मैं मौखिक रूप से आपकी बात भूल जाऊंगा आप मुझे लिखित में समस्या बताएं। अपने 30 मिनट से अधिक के संबोधन में उन्होंने संपूर्ण भाषण प्रधानमंत्री मोदी की उपलब्धियों में ही समाप्त कर दिए जबकि क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्य को सांसद पूछने पर भी नहीं बता पाए।
