नई दिल्ली | देश में एक बार फिर मोदी सरकार बनने के बाद सरकार में मंत्रालयों के बटवारे भी कर दिए गए है मध्यप्रदेश और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्रियों को मंत्री मंडल में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है इस के बाद अब शुरू हुआ है लोकसभा स्पीकर की कुर्सी को लेकर सत्ता-विपक्ष के बीच खींचतान और इस खीचतान को देखते हुए स्पीकर का पद इस बार अहम हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली NDA सरकार दो बड़े घटक दल TDP और जदयू भी इस होड़ में शामिल दिख रहे हैं।
TDP नेता एन चंद्रबाबू नायडू और जदयू नेता नीतीश कुमार को लगता है कि अगर उनकी पार्टी में तोड़फोड़ की कोशिश होगी तो स्पीकर पद उस समय जीवन बीमा होगा। I.N.D.I.A ब्लॉक ने भी कहा है कि स्पीकर पद TDP के पास जाता है, तो वे समर्थन देने तैयार है।
हालांकि, मोदी के दूसरे कार्यकाल में स्पीकर रहे कोटा सांसद ओम बिड़ला फिर दावेदारी में आगे हैं। उनके कैबिनेट मंत्री न बनने से अटकलें और जोर पकड़ चुकी हैं। इसी बीच भाजपा की आंध्र प्रदेश अध्यक्ष डी. पुरंदेश्वरी का नाम भी उछला है।
पुरंदेश्वरी चंद्रबाबू नायडू की साली हैं। उन्होंने नायडू का उस वक्त समर्थन किया था, जब उनकी अपने ससुर एनटी रामाराव का तख्ता पलट करने पर आलोचना हो रही थी। ऐसे में उन्हें स्पीकर बनाया जाता है, तो नायडू पर सॉफ्ट प्रेशर रहेगा। उनकी पार्टी पुरंदेश्वरी का विरोध नहीं कर पाएंगी।
