> जनसंवाद एक्सप्रेस
उज्जैन। उज्जैन में भले ही सिंहस्थ को लेकर निर्माण कार्य कराए जा रहे हो ओर इन कार्यों की नोडल एजेंसी यूं भले ही लोक निर्माण विभाग ही कयें न हो लेकिन अब सूबे की मोहन यादव सरकार विभागीय इंजीनियरों की काबिलियत का परीक्षण कराने वाली है ताकि इंजीनियर सरकार के पैमाने पर खरा उतर सके। बता दें कि उज्जैन में भी सिंहस्थ को लेकर विभिन्न निर्माण कार्य किए जा रहे है।
बता दें कि उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ के कार्यों पर भी सरकार का विशेष तौर से फोकस है। भोपाल से प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकार के पैमाने पर खरा उतरने के लिए पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों को मूल्यांकन परीक्षा देनी होगी। यह परीक्षा उनके ज्ञान और कौशल का मूल्यांकन करने के लिए आयोजित की जाती है, और यह सुनिश्चित करती है कि वे अपने काम के लिए योग्य हैं।
गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहते हैं
गौरतलब है कि प्रदेश में लोक निर्माण विभाग द्वारा बनवाई गई सडक़ों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहते हैं। ऐसे में पीडब्ल्यूडी ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए अपने अधीनस्थ इंजीनियरों के लिए निर्माण संबंधी कोड और मानकों को याद करना अनिवार्य कर दिया है। विभाग ने निर्देश जारी कर स्पष्ट किया कि विभाग के सभी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और उनसे नीचे के इंजीनियरों को निर्माण कोड्स का पूरा ज्ञान होना चाहिए।
इसके लिए जल्द ही मूल्यांकन परीक्षा भी होगी। इस परीक्षा में उन कोड्स और मानकों को शामिल किया जाएगा जो भवन, सडक़, पुल व अन्य परियोजनाओं में लागू होते हैं। गौरतलब है कि प्रदेश में पीडब्ल्यूडी सबसे बड़ी सरकारी निर्माण एजेंसी है। पीडब्ल्यूडी के अधीन कुल 80,775 किमी सडक़ नेटवर्क है। जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग 9,315 किमी,मुख्य जिला मार्ग 25,639 किमी, राज्य राजमार्ग 11,389 किमी और अन्य जिला मार्ग 34,432 किमी है।
दरअसल, वरिष्ठ आईएएस सुखवीर सिंह को हाल में लोक निर्माण विभाग का प्रमुख सचिव पदस्थ किया गया है। उन्होंने पदभार ग्रहण करते ही विभागीय अमले की कसावट शुरू कर दी है। उन्होंने विभाग के अंतर्गत चल रहे सभी भवन, सडक़ और ब्रिज निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, टिकाऊपन एवं सुरक्षा मानकों को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने के लिए विभाग में कार्यरत सभी इंजीनियरों को भारतीय सडक़ कांग्रेस (आईआरसी), नेशनल बिल्डिंग कोड (एनबीसी) और संबंधित भारतीय मानक (आईएस) कोड्स के अनुसार कार्यों का क्रियान्वयन करने को कहा है। जारी निर्देशों में परीक्षा लेने संबंधी बिंदु से विभाग के प्रदेश भर के इंजीनियरों में हड़कंप मच गया है।
