Breaking Today
- अमेरिकी सेना ने ईरान के तीन परमाणु स्थलों को निशाना बनाया
- अमेरिका ने ईरान के फोर्डो, नतांज और इस्फहान परमाणु केंद्रों को बनाया निशाना
- इरान इजराइल के बीच चल रहे युद्ध में अमेरिका कूदा
- चीन और रूस कर सकते है इरान का समर्थन
Iran Vs Ijrail war ईरान और इजरायल के बीच शुरू हुई जंग अब बढ़ती ही जा रही है अब इस जंग के और भीषण होने के आसार हैं क्योंकि इस जंग में अमेरिका भी कूद गया है। अमेरिका ने रविवार को ईरान पर हमला किया और ईरान के 3 परमाणु ठिकानों पर हमला किया है। ये ठिकाने फोर्डो, नतांज और इस्फहान हैं। हमला भारतीय समयानुसार रविवार सुबह 4:30 बजे हुआ।
ट्रम्प ने ईरान पर हमले के 3 घंटे बाद देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ईरान की अहम न्यूक्लियर साइट्स ‘obliterate’ यानी कि पूरी तरह से तबाह कर दी गई हैं। फोर्डो पर बमों की एक पूरी खेप गिरा दी गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को धमकी देते हुए कहा कि अब उसे शांति कायम करना चाहिए। अगर वह ऐसा नहीं करता है, तो उस पर और बड़े हमले किए जाएंगे।
अमेरिका के हमले के जवाब में ईरान ने इजराइल पर मिसाइलें दागीं हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि उन्होंने इजराइल पर सबसे बड़ा अटैक किया है। इसके तहत इजराइल के 14 अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक हाइफा और तेल अवीव के मिलिट्री और रिहायशी ठिकानों पर ईरानी मिसाइलें गिरी हैं। इजराइल में अब तक 16 लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है।
फोर्डो, नतांज और एस्फाहान परमाणु केंद्रों पर किया हमला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पोस्ट किया कि हमने ईरान के तीन परमाणु स्थलों पर अपना बहुत सफल हमला पूरा कर लिया है, जिसमें फोर्डो, नतांज और एस्फाहान शामिल हैं। सभी विमान अब ईरान के हवाई क्षेत्र से बाहर हैं। प्राथमिक स्थल, फोर्डो पर बमों का पूरा पेलोड गिराया गया।
फोर्डो, नतांज और एस्फाहान परमाणु केंद्रों पर किया हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पोस्ट किया कि हमने ईरान के तीन परमाणु स्थलों पर अपना बहुत सफल हमला पूरा कर लिया है, जिसमें फोर्डो, नतांज और एस्फाहान शामिल हैं। सभी विमान अब ईरान के हवाई क्षेत्र से बाहर हैं। प्राथमिक स्थल, फोर्डो पर बमों का पूरा पेलोड गिराया गया।
क्या अमेरिकी जहाजों पर हमले करेगा हूती
वहीं, यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने कहा कि अगर ट्रंप प्रशासन इजराइल के सैन्य अभियान में शामिल होता है तो वे लाल सागर में अमेरिकी जहाजों पर हमले फिर से शुरू कर देंगे। हूतीयों ने मई में अमेरिका के साथ हुए समझौते के तहत इस तरह के हमलों को रोक दिया था।
