रतलाम में गुरुवार को दीपावली मनाई जा रही है। पूरा शहर जगमग रोशनी से सज गया है। शाम को महालक्ष्मी जी की पूजा कर सुख समृद्धि की कामना की जाएगी। माणक चौक स्थित नोटों व आभूषणों से सजे महालक्ष्मी मंदिर पर दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ आ रही है। मंदिर के पट रात भर दर्शन के लिए खुले रहेंगे।
उज्जैन के नई पेठ स्थित प्राचीन मां गजलक्ष्मी मंदिर में गुरुवार सुबह 7 से 11 बजे तक दिवाली के मौके पर मां लक्ष्मी का 2100 लीटर दूध से अभिषेक हुआ। इस बार मंदिर के गर्भगृह को को 21 लाख रुपए के नोटों सजाया गया है। यहां सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु दुग्धाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं। दुग्धाभिषेक के बाद दोपहर 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में मां लक्ष्मी की आरती और माता का श्रृंगार के बाद शाम 4 बजे से रात 2 बजे तक महा नैवेद्य लगाया जाएगा।
गज लक्ष्मी, देवी लक्ष्मी का एक रूप हैं. गज का मतलब हाथी होता है, इसलिए गज लक्ष्मी को हाथी लक्ष्मी भी कहा जाता है. गज लक्ष्मी को धन, समृद्धि, और उर्वरता की देवी माना जाता है. गज लक्ष्मी को अष्ट लक्ष्मी में से एक माना जाता है. गज लक्ष्मी के बारे में कुछ खास बातेंः
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- गज लक्ष्मी को कमल पर विराजमान दिखाया जाता है. उनके दोनों ओर हाथी होते हैं.
- गज लक्ष्मी को पद्मासन मुद्रा में बैठे हुए चार भुजाओं के साथ दिखाया जाता है.
- गज लक्ष्मी को कमल पर विराजमान दिखाया जाता है. उनके दोनों ओर हाथी होते हैं.
- ऊपरी दो भुजाओं में गज लक्ष्मी कमल धारण करती हैं.
- निचली भुजाएं अक्सर अभयमुद्रा और वरदमुद्रा में दिखाई जाती हैं.
- दोनों हाथी देवी के ऊपर अपने सूंड़ से पानी डालते हुए दिखाए जाते हैं.
- गज लक्ष्मी की पूजा करने से धन-धान्य और संपन्नता की प्राप्ति होती है.
- गज लक्ष्मी व्रत को महालक्ष्मी व्रत या हाथी पूजा भी कहा जाता है.
- गज लक्ष्मी व्रत, अश्विन महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रखा जाता है.
- इस दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है


