उज्जैन की केंद्रीय भेरूगढ़ जेल एक बार फिर विवादों में है। इस बार यहीं के दो प्रहरियों ने कलेक्टर को जेल में चल रही अनियमितता को लेकर शिकायत दर्ज की है। जेल में नशीले पदार्थ की बिक्री से लेकर ड्यूटी लगाने और कर्मचारियों को सरकारी क्वाटर दिलवाने के नाम पर रुपए की मांग की शिकायत दर्ज कराई है। इस पर उज्जैन कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए है।
कोठी रोड स्थित संकुल भवन में चल रही जन सुनवाई में केंद्रीय भैरवगढ़ जेल के दो प्रहरी शिकायतों का पुलिंदा लेकर पहुंचे। यहाँ पर उन्होंने जेल में चल रही गतिविधियों पर गंभीर आरोप लगाए है। जेल प्रहरी नरेंद्र कुमार चौधरी और दीपक करण ने बताया कि जेल में केंटीन के माध्यम से चरस गांजा शराब कैदियों तक पहुंचाई जा रही है। केंटीन से जाने वाले सामान की तलाशी नहीं होती है। छुट्टी लेने से लेकर शासकीय आवास आवंटन कराने के लिए 35 से 50 हजार तक रुपए की डिमांड की जाती है। केंटीन प्रहरी से से लेकर ऊपर तक कई लोग मिलकर जेल मेनुवल की अनदेखी कर रहे है। हर काम का रेट फिक्स है शराब 2000 रुपए तो खाने की चीज 3000 हजार तक जेल के अंदर तक जाती है। तम्बाकू और सिगरेट 300 से 500 रुपए में अंदर पहुंचाए जा रहे है।
जन सुनवाई में पहुंचे दोनों प्रहरी ने कलेक्टर कुमार पुरषोत्तम को अपनी समस्या बताई और कहा की लगातार 15 दिन से जेल जा रहे है लेकिन हमारी उपस्तिथि नहीं लगाई जा रही है। इसके साथ ही जेल में कई अनियमितता चल रही है। कलेक्टर ने मीडिया बात करते हुए कहा कि विभाग से संबंधित समस्या थी उसको बाहर की फोरम पर नहीं लाना चाहिए,अन्य शिकायत है उसको दिखवा रहे है।
