छिंदवाड़ा || बीते दिन पहले कनिष्ठ यंत्री ओमप्रकाश पटेल हेरा फेरी का मामला सामने आया था जहां पर आवेदक ने छिंदवाड़ा जिला कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई थी जिस पर जिला कलेक्टर शैलेंद्र सिंह ने तत्काल एमपीवी ई को विभाग जांच का आदेश दिए कलेक्टर का आदेश पर इलेक्ट्रॉनिक विभाग में जांच तो शुरू की लेकिन जांच इस तरह की जा रही है जैसे की यहां पर एक कहावत लागू होती है जैसे की कछुआ की चाल चल रहा है जब जब जांच के विषय में अधिकारियों से बातचीत की जाती है तो अधिकारी एक दूसरे पर टालमटोल किया जा रहा है सूत्र बताते हैं कि इलेक्ट्रॉनिक विभाग के चांद कनिष्ठ एंट्री श्री पटेल की और भी कारनामा सामने है सूत्र के मुताबिक लगभग 15 से 20 ट्रांसफार्मर का हेरा फेरी का मामला भी स्पष्ट जांच होने पर सामने आ सकता है
बॉक्स सूत्र की माने तो चांद कनिष्क यंत्री श्री पटेल द्वारा द्वारा अपनी जांच छुपाने के लिए नेताओं के चक्कर काट रहे हैं और यही नहीं जांच करता पर सूत्र के मुताबिक दबाव बनवा रहे हैं
ऑफिस ग्राउंड में करवाते कनिष्ठ यंत्री खेती ऑफिस का काम छोड़ खेती करते हैं कर्मचारी
गौर करने वाली बात यह है कि एमसीबी द्वारा कर्मचारियों को लाइन सप्लाई करने और बिजली को ठीक करने के लिए लाखों लाखों रुपए हर महीना कर्मचारी के ऊपर खर्च करते हैं जिससे कि जनता को किसी प्रकार की बिजली संबंधित कोई परेशानी न जाए लेकिन यहां पर कनिष्ठ श्री पटेल के कहने पर कर्मचारी अपना बिजली विभाग का काम छोड़ खेती करने मैं जुटे रहते हैं सूत्र कहते हैं कि अगर कनिष्ठ की बात नहीं माने तो बाहर निकालने या ट्रांसफर करने की धमकी भी देते हैं
