नागदा जंक्शन। महिलाओं के मंच सद्भाव संगम द्वारा कार्यस्थल पर कार्य करने वाली महिलाओं को यौन उत्पीडऩ और निवारण के लिए एक कार्यशाला का आयोजन ग्रेसिम खेल परिसर में किया गया। संस्थान के जन सम्पर्क अधिकारी कमल सेठी ने बताया कि इकाई प्रमुख और अध्यक्ष शांतनु कुलकर्णी के मार्गदर्शन तथा मानव संसाधन प्रबंधन प्रमुख सुधीर कुमार सिंह के दिशा निर्देश पर बुधवार शाम आयोजित इस आयोजन में जबलपुर लॉ कॉलेज की छात्रा सुश्री श्रीमन शुक्ला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थी।

सुश्री शुक्ला ने कहा कि महिलाओं को स्वयं के साथ न्याय करना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित तो है लेकिन घर हो या बाहर उनको जो लगभग रोज ही पारिवारिक, मानसिक, शारीरिक और व्यावहारिक त्रास झेलना पड़ता है इसके लिए उन्हें स्वयं के लिए न्याय का तराजू अपने हाथ में उठा कर स्वयं के साथ न्याय संगत व्यवहार करने की पहल करना ही चाहिए।
इस मौके परकार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ग्रेसिम पॉश कमेटी अध्यक्ष अनीता शर्मा ने कहा कि पीओएसएच का हिंदी में मतलब है कामस्थल पर यौन उत्पीडऩ निवारण या यौन उत्पीडऩ निवारण समिति यह एक कानून है जो भारत में कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीडऩ की रोकथाम और उनसे निपटने के लिए बनाया गया है और इस क्षेत्र में हमारे संस्थान ने निरंतर कार्य हो रहा है। इस मौके पर कमेटी की सदस्य एकता शर्मा और साक्षी चौरसिया ने भी उपस्थित महिला कर्मियों को सम्बोधित किया। सफल बनाने में कार्मिक विभाग अखिलेश पाण्डेय, विजय मिश्रा, डॉ सुरेंद्र मीणा, रोहित कटौच, महेश चिनोरिया, शीतल शर्मा, प्रतीक आव्हाड़, शिव दुबे,ज्योति यादव की भूमिका सराहनीय रही। संचालन कार्मिक प्रबंधक वैदही कापदेव ने किया तथा आभार दीप्ति रघुवंशी ने प्रकट किया।
