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चरस ….गांजा ….स्मेक …………..और एमडी ड्रग्स ..यहाँ सब मिलता है : उज्जैन बनता जा रहा नशे का हाट स्पोर्ट , पुलिस जानकर भी अंजान

उज्जैन में बड़ा चरस, गांजा ,स्मेक ,ब्राउन शुगर और एमडी ड्रग्स का चलन, मुंबई , राजस्थान , ओड़िसा जैसे राज्यों से आ रहा मौत का साधन

उज्जैन | मध्यप्रदेश की धार्मिक राजधानी मानी जाने वाली धार्मिक नगरी उज्जैन इन दिनों नई पहचान बना रहा  है , वह पहचान नशे के हाट स्पार्ट के रूप में है , उज्जैन में दिन पर दिन नशे की तस्करी बढती जा रही है , शहर में नशे के  सोदागर पुलिस की आँखों में धुल झोंक कर तस्करी के कारोबार को बेखोफ होकर कर रहे है , या कहे की पुलिस की वर्दी में तस्करों के साथी बने बैठे सरकारी नुमाइंदो की मदद से नशे के कारोबार को अंजाम दे रहे है |

उज्जैन में गांजा , चरस , स्मेक , ब्राउन शुगर ही नहीं अब तो बड़े शहरो में मिलने वाला एम् डी ड्रग्स भी मिलने लगा है , एमडी ड्रग्स की खासियत भी आपको बताएँगे , लेकिन इससे पहले आपको ये जरुर जान लेना चाहिए की शहर में युवाओ में स्मेक और गांजे का उपयोग फेशन बन चूका है |

सामन्य रूप से चक्र तीर्थ के आसपास रात के समय में नई उम्र के लडको को नशा करते देखा जा सकता है वही अगर शहर में नजर डाले तो रेलवे स्टेशन बस स्टेशन जिला अस्पताल और विनोद मिल की चाल की खाली पड़ी जमीन वाले क्षेत्र में आपको स्मेक का नशा लेते लोग दिख जाएँगे , इसी के साथ आप नरसिंह घाट के आसपास नशे के शोकिन लोगो को गांजे की चिलम का दम लगाते देख सकते है |

उज्जैन में खुले आम नशे का सामान बिक रहा है और उज्जैन नशे का हाट स्पॉट बन चूका है , क्योकि रेलवे स्टेशन के माल गोदाम के यह सामान्य रूप से हर रोज लोगो को नशा करते देख सकते है जिन्हें कही और से नहीं उज्जैन के ही किसी एक मादक पदार्थ तस्कर से नशे का सामान उपलब्ध होता है | जिला अस्पताल में कई बार मोबाइल चोरी की घटना घटित हुई ये भी स्मेक के आदि लोगो के द्वारा नशे की पूर्ति के लिए करते पाए गए |

एमडी ड्रग्स को जाने जो मिलता है बड़े शहरो मे

नशा छुड़ाने वाले डॉक्टर्स का कहना है कि एमडी (मिथाइलीनडाईऑक्सी मैथाम्फेटामाइन यानी एक्सटैसी) का नशा सिर में चढ़ जाता है। लगातार इसके सेवन से तनाव रहने लगता है। यह नशा करने वाला धीरे-धीरे डिप्रेशन में चला जाता है और बाद में खुदकुशी करने की सोचने लगता है। जीवन में नकारात्मकता आने लगती है। 
 

नशे के बाजार में इस तरह की एक ग्राम ड्रग की कीमत एक हजार से 15000 रुपए तक है। इस प्रकार के नशे का सेवन मुंबई जैसे महानगरो के बारो में लड़का लड़की को करते पाया जाता है और ये सेक्स क्षमता को बढ़ाने का काम भी करता है ,अब  इंदौर में भी इस का चलन बढ़ने लगा है और  उज्जैन  में इस ड्रग्स के तस्कर मिलना इस बात को बताते है की उज्जैन में इस ड्रग्स का चलन शुरू होने लगा है

नशा करने और बेचने का सबसे बड़ा गढ़ थाना चिमनगंज , महाकाल , नागझिरी और नीलगंगा

उज्जैन शहर ही नहीं ग्रामीण थाना क्षेत्रो में भी मादक पदार्थ की धड़ल्ले से तस्करी हो रही है समय समय पर पुलिस कार्रवाही भी करती है जो इस बात की पुष्टि करता है की शहर में नशे की बिक्री खुले आम हो रही है , इसी के साथ शहर के कुछ थाना क्षेत्र तो नशे की बिक्री के गढ़ बन गए है जिसमे चिमनगंज थाना मुख्य माना जाता है दुसरे स्थान पर महाकाल थाना आता है इसी के साथ नागझिरी ,नीलगंगा , देवास गेट जैसे थाने भी नशे की बिक्री में पीछे नहीं है वही जिन थानों के नाम नहीं लिखे ऐसा नहीं है की वह नशे की बिक्री नहीं हो रही लेकिन हमने जिन थानों का जिक्र किया है ये वर्तमान में नशे के गढ़ बन चुके है |

ये स्थान जहा सबसे ज्यादा नशे की तस्करी

 
थाना चिमनगंज अंतर्गत आने वाले मोहन नगर , आगर नाका , ढांचा भवन , राजीव नगर , बापू नगर , टेंचिंग ग्राउंड,कानिपुरा रोड ऐसे कई इलाके 
थाना महाकाल अंतर्गत आने वाले बेगम बाग , तोपखाना , कोट मोहल्ला , लोहे का पुल , महाकाल घाटी 
थाना नागझिरी के आदर्श नगर और कुछ पास इलाके भी 
थाना नीलगंगा मल्टी, ग्रीनपार्क कॉलोनी और आसपास के इलाके

शहर में यह पांच प्रमुख ठिकाने जहां आसानी से नशे की पुड़िया मिलती है,

1. रेलवे स्टेशन के माल गोदाम और ऑटो स्टैंड क्षेत्र में नशा मिल रहा, यहां पीने वाले भी आसानी से देखे जा सकते हैं।
2. नागझिरी के न्यू इंदिरानगर में आंटी नामक महिला हर तरह का नशा खुलेआम बेच रही है। वहीं न्यू इंदिरानगर में दोनों भाई व मां मंदिर के पास पुड़िया बेच रहे।
3. जिला अस्पताल के सामने स्थित पुराने बच्चा वार्ड के आसपास भी नशा बेचा जा रहा है। पुड़िया मिल रही है।
4. चामुंडा माता क्षेत्र के मिल परिसर भी नशेड़ियों का अड्डा बन गया। यहां नशा करने वाले और बेचने वाले भी देखे जा सकते हैं।
5. महाकाल क्षेत्र में लोहे का पुल स्थित सुलभ कॉम्प्लेक्स के आसपास व बेगमबाग, हरिफाटक पुल के समीप कब्रिस्तान के आसपास नशा बिक रहा।

पुलिस की कार्रवाई बताती है की शहर में बिक रहा मौत का सामान

मई 2024 में चिमनगंज थाना पुलिस ने एक आरोपी सुनील चना से एक किलो गांजा जप्त किया 
अप्रेल 2024 को चिमनगंज थाना पुलिस ने राजीव नगर मैदान से 307 ग्राम एमडी ड्रग के साथ आरोपी को पकड़ा 
अप्रेल 2024 को ही चिमनगंज थाना पुलिस ने कानीपुरा रोड स्थित मल्टी से ब्राउन शुगर के साथ आरोपी को पकड़ा 
अप्रेल 2024 को बडनगर थाना पुलिस ने एक स्मेक तस्कर को गिरफ्तार कर उसके पास से 13 ग्राम स्मेक पकड़ी 
जून 2024 नागदा पुलिस ने दो लोगो को गांजा पीते हुए पकड़ा 
मार्च 2023 में उन्हेल पुलिस ने गांजा तस्करी मामले में दो आरोपी को पकड़ा 
दिसंबर 2022 को तराना पुलिस ने गाना तस्करी का एक मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया 
फ़रवरी 2022 में चिमनगंज थाना पुलिस ने गांजा पकड़ा , 5 आरोपी गिरफ्तार 41 किलो गांजा जप्त 
अगस्त 2021 में उजैन में डेढ़ करोड़ का गांजा नारकोटिक्स टीम ने पकड़ा जिसमे दो आरोपी गिरफ्तार किये गए

2022 में सिर्फ दो महीने की कार्रवाई बता रही की शहर में बिक रहा नशा

नीलगंगा : 12 केस, 18 तस्कर गिरफ्तार
महाकाल : 01 केस, 01 तस्कर गिरफ्तार
चिमनगंज : 02 केस, 2 आरोपी पकड़े
चिंतामन : 01 केस, 1 आरोपी
नागझिरी : 01 केस, 1 आरोपी
भैरवगढ़ : 01 केस, 1 आरोपी

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