बिहार | बिहार के आरा में एक इंजीनियर ने पानी पर तैरता आशियाना बनाया है. इस पहल का मकसद बाढ़ आपदा में फँसे लोगों को बचाना साथ ही इको टूरिज़्म को बढ़ावा देना है. खास बात ये है कि गंगा नदी पर तैरते इस खूबसूरत मकान को महज छह लाख रुपये की लागत से बनाया गया है. An engineer has built a floating house on water in Arrah, Bihar
अक्सर बाढ़ प्रभावित इलाको में तेज पानी के बहाव के कारन लोगो के घर डूब जाते है ऐसे में एक शख्स ने पानी में तेरने वाला इफ़ो फ्रेंडली मकान का निर्माण कर दिया | भारत में इस समय ज्यादातर हिस्सों में मॉनसून छाया हुआ है. कई जगहों पर मूसलाधार बारिश हो रही है. बारिश की वजह से देश के कई हिस्से बाढ़ से प्रभावित हैं. अक्सर बिहार में बारिश के मौसम में नदियां खतरे के स्तर से ऊपर बहने लगती हैं. बाढ़ की वजह से लोगों के आशियाने उजड़ जाते हैं. बाढ़ में लोगों के घर बह जाते हैं. ऐसे में बिहार के एक युवक ने ऐसा घर बनाया है जो बाढ़ में डूबेगा ही नहीं. ये घर कहीं और नहीं बल्कि गंगा नदी के ऊपर बना हुआ है.
इस अनोखे घर को बक्सर में एक साल पहले बनाया गया था. ये घर गंगा नदी के ऊपर ही तैरता रहता है. इस घर को बनाने का आइडिया आया आरा के रहने वाले प्रशांत कुमार को. बाढ़ में घर के बार-बार बर्बाद होने की वजह से उन्होंने ऐसे घर को बनाने का फैसला किया जो कभी ना डूबे. अपने इस आइडिया को साकार करने के लिए प्रशांत ने कनाडा, जर्मनी, नीदरलैंड में रहने वाले दोस्तों से भी बातचीत की. सबकी मदद से उन्होंने एक ऐसे घर का निर्माण कर डाला तो बाढ़ में पानी के ऊपर ही तैरता रहेगा. इस घर की चर्चा दूर-दूर तक है.
दिखने में सुन्दर और इफ़ो फ्रेंडली है ये मकान
नदी किनारे बना हुआ अनोखे घर का निर्माण कृतपुरा गांव के पास किया गया था. ट्रायल के तौर पर बना ये घर अब एक से दूसरे जगह ले जाया जाता है. इस घर को पानी के नीचे लोहे के एंगल से बांधा गया है. जब बाढ़ आती है तब लहरों के साथ तैरता रहता है. इस घर को ऐसे मटेरियल से बनाया गया है, जिसपर पानी का कोई प्रभाव नहीं होता. साथ ही इसे बनाने में उपयपग मटेरियल बेहद हलके हैं. ताकि घर पानी के ऊपर आसानी से तैरता रहे. इस घर को ऐसा वैसा समझने की गलती ना करें. इस घर के अंदर आपको किचन, बाथरुम, बेडरुम भी मिलेगा.
पानी में तैरने वाले इस घर को बनाने में आया कितना खर्च जाने
इस अनोखे घर को बनाने का आइडिया प्रशांत को तब आया जब वो 2017 में बाइक से स्कॉटलैंड गए थे. इस दौरान उन्होंने कई देशों का भ्रमण किया. तब बाढ़ प्रभावित लोगों को देखकर उनके दिमाग में ये आइडिया आया. बिहार आने के बाद उन्होंने इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया. इस घर को बनाने में अभी छह लाख का खर्चा आ रहा है. ये घर ईकोफ्रैंडली है. इसे बनाने के लिए जिस ईंट का प्रयोग किया गया है, वो गोबर, मिट्टी और धान की भूसी से बना है. ये ना सिर्फ हल्का है बल्कि ये पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचाता. इस घर की लोग काफी तारीफ कर रहे हैं.
