भोपाल उज्जैन पैसेंजर्स ट्रेन ब्लास्ट केस में आठ आतंकियों पर अपना फैसला सुनाया। इसमें 7 आतंकियों को मौत की सजा सुनाई गई है। साथ ही एक को उम्रकैद की सजा मिली है। इसेसे पहले आतंकियों को NIA कोर्ट में पेश किया गया था।
नई दिल्ली. भोपाल उज्जैन पैसेंजर्स ट्रेन ब्लास्ट केस में आठ आतंकियों पर NIA कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। इसमें 7 आतंकियों को मौत की सजा सुनाई गई है। साथ ही एक को उम्रकैद की सजा मिली है। इससे पहले आतंकियों को NIA कोर्ट में पेश किया गया था। यह फैसला सोमवार को होना था, लेकिन कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब NIA ने सभी को फांसी, उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई है।
क्या है पूरा मामला
यह घटना 7 मार्च 2017 की है। इस ब्लास्ट को ISIS के खुरासान मॉड्यूल के आतंकियो की भूमिका सामने आई थी। ब्लास्ट के अगले दिन 8 मार्च को काकोरी इलाके में खुरासान मॉड्यूल से जुड़े आतंकी सैफुल्ला को एटीएस ने मार गिराया था।
कौन-कौन आतंकी थे शामिल
जिन लोगों को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। उनमें मोहम्मद फैजल, गौस मोहम्मद खान, मोहम्मद अजहर, आतिफ मुजफ्फर, मोहम्मद दानिश, सौयद मीर हुसैन, आसिफ इकबाल उर्फ रॉकी और मोहम्मद आतिफ उर्फ आतिफ ईरानी को अरेस्ट किया गया था। इन सभी के पास से भारी मात्रा में गोला बारूद बरामद हुआ था।
लखनऊ की NIA कोर्ट ने 2017 में हुए भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन ब्लास्ट केस के 7 दोषियों को फांसी और 1 को उम्रकैद की सजा सुनाई। मंगलवार रात करीब 8 बजे यह फैसला आया। उस वक्त कोर्ट में आठों आतंकी मौजूद थे। ट्रेन ब्लास्ट में कुल 9 आतंकी शामिल थे। इनमें से एक का पहले ही एनकाउंटर हो चुका है।
इन्हें फांसी की सजा: 1. मोहम्मद फैसल, 2. गौस मोहम्मद खान, 3. मोहम्मद अजहर, 4. आतिफ मुजफ्फर, 5. मोहम्मद दानिश, 6. सैयद मीर हुसैन, 7. आसिफ इकबाल रॉकी
इसे उम्रकैद: मोहम्मद आतिफ ईरानी यह मुठभेड़ में मारा गया: सैफुल्ला
7 मार्च 2017 को भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन (59320) सुबह 6:25 बजे तय समय से भोपाल स्टेशन से रवाना हुई। सुबह 9:38 बजे का वक्त रहा होगा। शाजापुर जिले के कालापीपल के पास जबड़ी रेलवे स्टेशन के करीब ट्रेन में ब्लास्ट हुआ। इसमें नौ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोग ट्रेन से कूद गए। उसकी वजह से उन्हें चोटें आईं। ब्लास्ट की आवाज सुनकर कुछ लोगों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोका।
14 मार्च 2017 को केंद्र सरकार ने मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी। जांच में सामने आया कि आतंकी संगठन ISIS से जुड़े आतंकियों ने बम प्लांट किया था। जांच एजेंसियों ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से सभी नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
