भोपाल | गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के द्वारा एक प्रेस वार्ता की गई ये प्रेस वार्ता कांग्रेस के प्रदेश संगठन के विस्तार के लिए थी जीतू ने बेबाकी से अपनी बात रखी |
विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद दिसंबर के महीने में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को हटाकर जीतू पटवारी को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया था। पीसीसी चीफ बनने के 4 महीने बीतने के बाद भी पटवारी कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी नहीं बना पाए। लोकसभा चुनाव भी पटवारी ने बिना टीम के ही लड़ा। मध्यप्रदेश की 29 सीटों पर लोकसभा चुनाव का मतदान होने के बाद पटवारी ने अब संगठन को दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी है। लोकसभा चुनाव के मतदान के बाद वोटर्स, कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देने के साथ ही पटवारी ने कहा कि अब कांग्रेस के संगठन को मजबूत करने का काम करेंगे।
पटवारी बोले-सारा दोष बीजेपी को नहीं दे सकते…हमारी भी कमियां हैं
बुधवार को जीतू पटवारी ने कहा- तीन महीने पहले इतनी बड़ी हार के बाद कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ताओं ने एकजुटता दिखाई। अब आश्चर्यचकित करने वाले परिणाम आएंगे। मैं ये मानता हूं कि यदि डबल डिजिट में यहां की लोकसभा सीटें आएं तो बहुत आश्चर्य मत समझना। हम विपक्ष में हैं, चुनाव आए हमने चुनाव की प्रोसेस पूरी की। अब संगठन को मजबूत कर आइडियोलॉजी पर काम करना हमारा दायित्व है।
हम तीन-चार चुनाव हारे हैं। इसका हम सारा दोष बीजेपी को नहीं दे सकते। हमारी भी कमियां हैं उनमें सुधार करना है। मैं मानता हूं कि उस पर काम चालू है। जल्दी अच्छे-अच्छे परिणाम कांग्रेस के साथियों को मिलेंगे।
PCC की टीम में 50 से कम वालों को मिलेगी जगह
कांग्रेस के सूत्र बताते हैं कि लोकसभा चुनाव के बाद अब जीतू पटवारी प्रदेश कांग्रेस की मुख्य कार्यकारिणी के साथ ही अब फ्रंटल ऑर्गेनाइजेशन और विभागों, प्रकोष्ठों में बदलाव करेंगे। पटवारी पीसीसी की नई टीम में 50 साल से कम उम्र के कार्यकर्ताओं को मौका देंगे। इनमें कुछ नौजवान विधायकों को भी शामिल किया जा सकता है।
यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति
पिछले महीने युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से डॉ. विक्रांत भूरिया ने इस्तीफा दे दिया था। विक्रांत ने पिता कांतिलाल भूरिया के चुनाव प्रचार में समय देने का हवाला देते हुए युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद ग्वालियर के मितेंद्र सिंह यादव को युवा कांग्रेस को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। 9 अप्रैल को प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से ही मितेंद्र ने प्रदेश भर में चुनावी दौरे शुरू कर दिए थे।
