- हर्षोल्लास के साथ मनाया श्री देवनारायण भगवान का विवाहोत्सव।
- ग्राम बिछड़ौद स्थित क्षत्रीय राठौर समाज के श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर परिसर में चल रही श्री देवनारायण कथा का छटा दिवस।
- मनुष्य अपने कर्मों से दु:खी होता है, कर्म अच्छे होते है तो भगवान भी साथ निभाता है : पं. चौधरी
जनसंवाद एक्सप्रेस@ दिपांशु जैन.|| मनुष्य अपने कर्मों से दु:खी होता है, कर्म अच्छे होते है तो भगवान भी साथ निभाता है। आज मनुष्य मांस, मदिरा और अभक्ष चीजों का सेवन कर रहा है। जब मनुष्य ही गलत कार्यों में लिप्त रहकर अपना कर्म बंधन खुद बांध रहा है तो उसके घर में सुख-शांति कैसे होगी? घर- परिवार में सुख- शांति चाहिए तो धर्म करो, भगवान की आराधना करो, गौमाता को बेसहारा मत छोड़ो, समाजसेवा करो, गरीबों की सेवा करो, सत्यता की लड़ाई लड़ो, यही सब अच्छे कर्म हमारे साथ अंतिम यात्रा में चलेंगे। जिससे भगवान भी हमारा साथ निभाएंगे। छल, कपट, ईर्षा, बेईमानी करने वाले लोगों का भगवान साथ नहीं देते है। हम सौभाग्यशाली है कि हमें मनुष्य जन्म मिला है। अन्यथा किसी भी पशु और जानवर के रूप में हमें इधर-उधर भटकना पड़ता।
यह बात तहसील क्षेत्र के ग्राम बिछड़ौद स्थित क्षत्रीय राठौर समाज के श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर परिसर में चल रही सप्त दिवसीय श्री देवनारायण कथा के छटे दिवस कथावाचक पं. अजयसिंह चौधरी ने अंचल के हजारों श्रद्धालुओं को श्री देवनारायण कथा का श्रवण करवाते हुए कहीं।
सर्वप्रथम कथा शुरू होने से पूर्व कथा के छटे दिवसीय यजमान हरिनारायण राठौर, हुकुमचंद राठौर आदि परिवारों ने व्यासपीठ का पूजन करते हुए कथावाचक पं. अजयसिंह चौधरी को तिलक लगाकर कथा की शुरुआत की। कथा दोपहर 12 से शाम 4:30 बजे तक चली। कथा के चलते पं. चौधरी ने श्री देवनारायण भगवान के विवाहोत्सव प्रसंग का वर्णन करते हुए शाम 4:30 बजे करीब बड़े हर्षोल्लास पूर्वक श्री देवनारायण भगवान का विवाहोत्सव मनाया।
विवाहोत्सव के चलते महिलाओं ने सिंचवानी आदि रस्मों का भी निर्वहन किया। श्रद्धालुजनों ने जोश पूर्वक श्री देवनारायण भगवान विवाहोत्सव का जयघोष किया। सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने बड़ी शांति और सद्भावना के साथ कथा का श्रवण कर आनंद लिया। कथा समापन पश्चात आरती कर प्रसादी बांटी गई। इस दौरान हजारों श्रद्धालुजन आदि मौजूद रहे। जानकारी मंदिर पुजारी मुकेश भानेज ने दी।



