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विक्रम उद्योग पूरी फेस 02 को लेकर किसानो का विरोध शूरू : योजना में जमीन नहीं देना चाहते किसान

उज्जैन |  उज्जैन देवास रोड पर स्थित  विक्रम उद्योगपुरी में बढ़ते निवेश को देखते हुए सरकार विक्रम उद्योग पूरी का फेस 02 लाने जा रही है , अभी तक विक्रम उद्योग पूरी 492 हेक्टेयर जमीन  विकसित है लेकिन तेजी से उद्योगपतियों की बढती रूचि के करना ये जगह भर चुकी है और अब इतनी ही जमीन पर विक्रम उद्योग पूरी फेस 02 लाने तेयारी की जा रही है जिसको लेकर आसपास के गाँव के किसानो की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा |

विक्रम उद्योग पूरी  योजना से प्रभावित होने वाले 7 गांव के किसानों की भूमि अधिग्रहण के विरोध में बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। सुबह 9 बजे विक्रम उद्योगपुरी से सभी किसान ट्रैक्टर सहित अन्य वाहनों पर सवार होकर रैली के रूप में नागझिरी, तीन बत्ती, चौराहा, टावर चौराहा, दशहरा मैदान होते हुए दोपहर 1 बजे कोठी पहुंच कर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए इस योजना पर आपत्ति दर्ज कराएंगे।

किसान दिलीप चौधरी ने बताया कि विक्रम उद्योगपुरी के लिए अधिग्रहण होने वाली भूमि जिसमें चैनपुर हंसखेड़ी, कड़छा, नरवर, मुंजाखेड़ी, गांवड़ी, माधोपुर और पिपलोदा द्वारकाधीश के 700 किसानों की 2500 बीघा सिंचित भूमि का अधिग्रहण कर लगभग 15000 लोगों को बेघर किया जा रहा है। गांव की समस्त भूमि उपजाऊ हैं और गांव के किसान पिछले 7-8 पीढ़ियों से खेती करके ही परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं।

सरकार ने पहली बार 2011-12 में जब भूमि अधिग्रहण किया था तो किसानों को यह कहा था कि यहां पर एजुकेशन हब बनाएंगे और यहां पर कॉलेज, आईआईएम कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और छात्र के रहने का रेसिडियंट बिल्डिंग डेवलप करेंगे लेकिन ऐसा नहीं किया। किसानों के साथ छल किया और बाद में इस भूमि को एमपीआईडीसी को उद्योग क्षेत्र डेवलपमेंट के लिए दे दी। जिसका समस्त किसान घोर विरोध कर रहे हैं।

15 (1) के अधीन 60 दिन में आपत्ति के दोरान  700 किसानों में से 680 ने दर्ज की  आपत्ति

लखन जाट ने बताया कि 7 गांव की जमीन अधिग्रहण करके उद्योगपतियों को देकर किसानों को बेघर कर रही है और इन फैक्ट्रियों से निकलने वाली कई प्रकार की जहरीली गैस, केमिकल, प्रदूषित पानी, शोरगुल, प्रकृति का दोहन आदि मानव जाति के लिए बहुत ही खतरनाक और जानलेवा होगा।

 

सूचना की तारिख 3 सितंबर के आधार पर धारा 15 (1) के अधीन 60 दिन में आपत्ति का समय दिया था। उसके अनुसार समस्त 700 किसानों में से 680 किसानों ने 7अक्टूबर को कलेक्टर कार्यालय के भू-अर्जन विभाग में अप्पति दर्ज करवा दी है जो टोटल भूमि की 96 प्रतिशत आपत्ति है।

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