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नही रहे सतीश कौशिक , फिल्म डायरेक्टर अभिनेता सतीश कोशिक का दिल का दौरा पढने से निधन

मुंबई फिल्म जगत का सबसे पुराना चमकता सितारा आज हमेशा के लिए गुम हो गया है वर्ष 1967 से 2007 तक कई हिट फिल्मे दी , बॉलीवुड के जाने माने एक्टर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर सतीश कौशिक का 8 की रात को निधन हो गया, वो 66 साल के थे. उनके चाहने वाले सदमे में हैं, क्यों उन्होंने एक दिन पहले होली की तस्वीरें पोस्ट की थीं, जिसमें वो अली फजल (Ali Fazal), रिचा चड्ढा (Richa Chadha), जावेद अख्तर (Javed Akhtar) के साथ रंगों का त्योहार मनाते नजर आ रहे थे, लेकिन अचानक ऐसा क्या हुआ कि वो हमें छोड़कर चले गए?

सतीश कौशिक की मौत की वजह सामने आई है, उनका निधन हार्ट अटैक की वजह से हुआ है, उस वक्त वो दिल्ली-एनसीआर में थे. उनके पार्थिव शरीर को गुरुग्राम के फोर्टिस हॉस्पिटल ले जाया गया, अब मुंबई में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

सतीश कौशिक गुरुग्राम में अपने किसी करीबी से मुलाकात करने आए थे, यहीं उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई, कार में उन्हें हार्ट अटैक आया और फिर उन्हें बचाया नहीं जा सका. उनके निधन की खबर फेमस एक्टर अनुपम खेर ने ट्विटर के जरिए दी

100 से अधिक फिल्मों में मुख्य किरदार निभाए
फिल्म अभिनेता एवं निर्देशक सतीश कौशिक नहीं रहे। मूल रूप में जिला महेंद्रगढ़ के गांव धनौंदा निवासी सतीश कौशिक ने 66 वर्ष की उम्र में गुरूग्राम के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। चार दशक फिल्मी दुनिया में नाम कमाने वाले सतीश कौशिक ने जिला को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान दिलाई। सतीश कौशिक एक अभिनेता, निर्देशक निर्माता रहे तथा उन्होंने 100 से अधिक फिल्मों में मुख्य किरदार निभाए। जाने भी दो यारो फिल्म से वर्ष 1983 में अपने फिल्मी करियर की शुरूआत करने वाले इस अभिनेता ने अपने अभिनय के दम पर वर्षों लोगों के दिलों पर राज किया है। वर्ष 1993 में रूप की रानी चोरों का राजा फिल्म से बतौर निर्देशक काम शुरू किया। कोशिक ने वर्ष 1983 से 2008 तक कई फिल्मो के डायरेक्टर के रूप में भी भूमिका निभाई  जिसमे जलवा, मासूम ,जमाई राजा , दीवाना मस्ताना, मिस्टर एंड मिस खिलाडी , आंटी नंबर वन जैसी मशहूर फिल्मे शामिल है |

महेंद्रगढ़ जिले के कनीना उपमंडल के गांव धनौंदा सतीश कौशिक का पैतृक गांव है। कौशिक का जन्म एक ब्राह्मण परिवार में 13 अप्रैल 1956 में दिल्ली में हुआ था। उनके पिताजी वगैरह दो भाई थे। बड़े का नाम गोवर्धन छोटे का नाम बनवारी लाल। सतीश कौशिक के दो भाई हैं।

महेंद्रगढ़ जिले के कनीना उपमंडल के गांव धनौंदा सतीश कौशिक का पैतृक गांव है। कौशिक का जन्म एक ब्राह्मण परिवार में 13 अप्रैल 1956 में दिल्ली में हुआ था। उनके पिताजी वगैरह दो भाई थे। बड़े का नाम गोवर्धन छोटे का नाम बनवारी लाल। सतीश कौशिक के दो भाई हैं। बड़े का नाम ब्रह्म प्रकाश कौशिक व छोटे का नाम अशोक कुमार है। तीसरे नंबर पर सतीश कौशिक थे। सतीश कौशिक की तीन बहनें सरस्वती, शकुंतला देवी व सविता देवी।

सतीश गांव में रहे नहीं लेकिन लगाव बहुत था
उनके पिता बनवारीलाल दिल्ली में एक कंपनी में मुनीम थे। वहीं कुछ ही दिन बाद बनवारीलाल ने हैरिसन कंपनी की एजेंसी ली थी। सतीश कौशिक की पढ़ाई दिल्ली के ही स्कूलों में हुई। कनीना से दादरी रोड पर धनौंदा गांव सतीश कौशिक का पैतृक गांव है। सतीश कौशिक बचपन से गर्मियों की छुट्टियों में गांव में आते थे। सतीश कौशिक अपने गांव के लोगों से बहुत स्नेह करते थे। हर साल गांव धनौंदा में सामाजिक कार्यों में भाग लेते वही अपने बचपन के साथियों के साथ समय बिताते थे।

सतीश कौशिक ने एक दिन पहले ही अपने करीबियों संग धमाकेदार अंदाज में होली का जश्न मनाया था. उन्होंने होली सेलिब्रेशन की तस्वीरें एक दिन पहले ही अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर की थीं. अब उनके निधन के बाद एक्टर का आखिरी पोस्ट वायरल हो रहा है.

9 मार्च की सुबह इतनी काली होगी किसी ने नहीं सोचा था. इस दिन को हिंदी सिनेमा में ब्लैक डे के नाम से याद किया जाएगा, क्योंकि इस दिन बॉलीवुड ने अपने दिग्गज कलाकार सतीश कौशिक को हमेशा के लिए खो दिया है. सतीश कौशिक का 66 साल की उम्र में निधन हो गयाएक्टर की मौत की खबर सामने आते ही फिल्मी दुनिया में सन्नाटा छाया हुआ है. हर कोई उन्हें नम आंखों से याद कर रहा है.

 

मौत से एक दिन पहले खेली होली

सबसे शॉकिंग बात ये है कि मौत से एक दिन पहले तक वो बिल्कुल ठीक थे और सोशल मीडिया पर भी एक्टिव थे. 7 मार्च को उन्होंने मुंबई के जुहू में शबाना आजमी के घर होली पार्टी अटेंड की थी. यहां सतीश कौशिक ने अपने करीबियों संग धमाकेदार अंदाज में होली का जश्न मनाया था. उन्होंने होली सेलिब्रेशन की तस्वीरें एक दिन पहले ही अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर की थीं. सतीश कौशिक के होली सेलिब्रेशन में महिमा चौधरी, जावेद अख्तर,ऋचा चड्ढा और अली फजल दिखाई दिए थे. उन्होंने दोपहर तक पार्टी में खूब एन्जॉय किया और फिर उसके बाद दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे.

समय समय पर सर्वश्रेष्ठ फिल्म फेयर अवार्ड उन्हें मिले कुछ फिल्म जिनके बेहतर प्रदर्शन के लिए कोशिक सम्मानित हुए
1967-1985 

1986-2007

अमज़द ख़ान (1986) * no award (1987, 1988, 1989) * अनुपम खेर – सतीश कौशिक (1990) * कादर ख़ान (1991) * अनुपम खेर (1992) * अनुपम खेर (1993) * अनुपम खेर (1994) * अनुपम खेर (1995) * अनुपम खेर (1996) * सतीश कौशिक (1997) * जॉनी लीवर (1998) * जॉनी लीवर (1999) * गोविन्दा (2000) * परेश रावल (2001) * सैफ़ अली ख़ान (2002) * परेश रावल (2003) * संजय दत्त (2004) * सैफ़ अली ख़ान (2005) * अक्षय कुमार (2006) * अरशद वारसी (2007)

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