बड़ौद। नगर का प्राचीन लाल माता मंदिर आस्था का बड़ा केंद्र है। मान्यता है कि यह मंदिर लगभग 500 वर्ष पुराना है। नवरात्रि के दौरान यहां श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है और पूरा मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंज उठता है।
मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां एक नहीं बल्कि छह देवियों के स्वरूप एक साथ विराजित हैं। जिनमें लाल बाई, फूल बाई, कैसर बाई, भैसासरी माता, चामुंडा माता और मां सरस्वती शामिल हैं। नवरात्रि में श्रद्धालु यहां दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं।
करीब पांच शताब्दियों से यह मंदिर नगर की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग यहां दर्शन के लिए आते हैं।
मंदिर के पुजारी कालूराम कुकरे और सुनील कुकरे ने बताया कि यह प्राचीन मंदिर वर्षों पुराना है और यहां आने वाले हर भक्त की मनोकामना पूरी होती है। मंदिर धर्मस्व विभाग के अधीन होने के बाद भी इसका जीर्णोद्धार नहीं हुआ है। हर वर्ष निजी खर्च से ही छोटी-मोटी मरम्मत करवाई जाती l

