प्रतिनिधि, आगर मालवा।
सीएमएचओं द्वारा प्रतिबंध की चेतावनी देने के बाद भी एक डॉक्टर शहर के एक निजी अस्पताल में लम्बे समय से कार्य कर रहा हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग का अमला ऐसे डॉक्टर पर कार्यवाही करना तो दुर सीएमएचओं के आदेश का पालन भी नही करवा पा रहा हैं।
यह हैं मामला
उज्जैन रोड़ पर स्थित कनेक्टेड केयर हॉस्पिटल में डॉक्टर सौरभ सिंह ठाकुर पिता आरडी सिंह द्वारा कुछ माह पुर्व कार्य किया जाता था। डॉ. सौरभ ठाकुर ने कनेक्टेड केयर हॉस्पिटल से अनुबंध किया था, अनुबंध की शर्ते नोटराईज्ड स्टाम्प पर लिखी गई थी, जिस पर कनेक्टेड केयर अस्पताल के डॉक्टरों के साथ ही सम्बंधित डॉ. सौरभ सिंह ठाकुर के द्वारा भी हस्ताक्षर किए गए थे। नोटराईज्ड अनुबंध में स्पष्ट लिखा हैं कि जब आप नौकरी छोड़ देंगे तो आप अनुबंध करने वाले कनेक्टेड केयर अस्पताल आगर के आस-पास (50 किलोमीटर के दायरें में) एक साल तक कार्य एंव अभ्यास नही करेंगे। यदि आप इस प्रतिबंद्धता को किसी भी तरह से तोड़ते हैं तो आप कनेक्टेड केयर हॉस्पिटल को एक महिने की अवधि में 15 लाख रूपए का भुगतान करेंगे। लेकिन अनुबंध की शर्तों का उल्लंखन करते हुए डॉ. सौरभ सिंह ठाकुर ने 01.11.2022 को कनेक्टेड केयर अस्पताल से नौकरी छोड़ दी तथा अनुबंध तोड़ते हुए डॉ. ठाकुर ने 50 किलोमीटर का दायरा तो दुर कनेक्टेड केयर अस्पताल से मात्र डेढ़ किलोंमीटर दुर आवर रोड़ स्थित सक्सेना हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर में अनाधिकृत रूप से कार्य करना आरम्भ कर दिया। मामलें में कनेक्टेड केयर अस्पताल की और से उनके कानूनी सलाहकार ने डॉ. सौरभ सिंह ठाकुर को लिगल नोटिस भी दिए। लेकिन सम्बंधित डॉक्टर ने न तो नोटिस का जवाब दिया न अनुबंध तोड़ने के बदलें 15 लाख रूपए की राशि का भुगतान कनेक्टेड केयर अस्पताल को किया। डॉ. ठाकुर द्वारा अनुबंध तोड़ने व अनाधिकृत रूप से सक्सेना हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर में कार्य करने की शिकायत कनेक्टेड केयर अस्पताल की और से अधिवक्ता यशी माहेश्वरी द्वारा सीएमएचओं से की गई थी। जिसके बाद सीएमएचओं द्वारा डॉ. ठाकुर को निर्देश दिए गए थे ि कवे प्रकरण का तत्काल आप के स्तर से निराकरण किया जा कर पालन प्रतिवेदन इस कार्यलय को उपलब्ध कराए अन्यथा की स्थिति में तत्काल प्रभाव से आप को आगर नगरीय क्षैत्र में पंजीबद्ध निजी चिकित्सा संस्था में उपचार प्रदान किए जाने पर प्रतिबंध लागे रहेगा। सीएमएचओं द्वारा पत्र जारी करने के बाद भी स्थिति यह हैं कि डॉ. ठाकुर बैखोफ होकर सक्सेना अस्पताल में कार्य कर रहे हैं। सक्सेना अस्पताल में मरीजों के उपचार करने के अलावा सक्सेना अस्पताल में लगाए जाने वाले केम्पों व अन्य गतिविधियों में भी उनके द्वारा लगातार भाग लिया जा रहा हैं। अनाधिकृत रूप से डॉ. ठाकुर द्वारा कार्य किए जाने की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को हैं। लेकिन उसके बाद भी न तो डॉ. ठाकुर को ऐसा करने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी रोक पाए न उनके विरूद्ध कोई कार्यवाही की गई। सीएमएचओं मालवीय को चाहिए कि वें दिए गए निर्देश का पालन कराए। नईदुनिया के पास ऐसे कई प्रमाण हैं, जिनसे यह सिद्ध होता हैं कि प्रतिबंध के बाद भी डॉ. ठाकुर अनाधिकृत रूप से निजी अस्पताल में सेवा दे रहे हैं। केयर अस्पताल के संचालकों का कहना हैं कि बिना किसी बड़े संरक्षण के कोई डॉक्टर अनाधिकृत रूप से दुसरें अस्पताल में कार्य नही कर सकता। कनेक्टेड केयर अस्पताल के डॉ. विशाल बनासिया व सुनिल पाटीदार ने मामलें की सुक्ष्म जांच कराने के साथ ही डॉ. ठाकुर पर कार्यवाही की मांग की हैं।
इनका कहना
मैं भोपाल मिटिंग में हूं, डॉ. ठाकुर को जो पत्र जारी किया गया था, वह मुझे अभी ध्यान नही आ रहा हैं। किसी भी निजी अस्पताल में कार्य करने वाले चिकित्सक को हमारें यहां रजिस्ट्रेशन कराना होता हैं। अनुबंध तोड़ने वाले डॉ. ठाकुर द्वारा सक्सेना अस्पताल में कार्य किया जा रहा हैं। यह जानकारी आप से लगी हैं, मैं इस मामलें में दिखवाता हूं। डॉ. एसएस मालवीय, सीएमएचओं आगर मालवा।
