इंदौर | मध्यप्रदेश की पहली Metro लाइन मिनी मुंबई कहे जाने वाले इंदौर शहर में शुरू होने वाली है , 14 सितम्बर 2019 को इंदौर Metro का भूमिपूजन कमलनाथ सरकार में हुआ था , अब जाकर मेट्रो का काम मूर्त रूप लेने जा रहा है , बुधवार को पहली बार मेट्रो का डायनामिक टेस्ट किया गया। यह डायनामिक टेस्ट गांधी नगर स्टेशन से सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3 तक ट्रायल रन के 5.9 किलोमीटर के हिस्से में चलाया गया। इस दौरान पहली बार गांधी नगर डिपो से वायडक्ट चले और Metro प्लेटफार्म पर पहुंची। वापस भी आई, इस हिसाब से करीब 12 किलोमीटर का सफर तय हुआ।

इंदौर Metro के डायनामिक टेस्ट के तहत Metro कोच बुधवार को 2 बजे मेट्रो डिपो से रवाना हुए। इस दौरान कोच की फिटनेस व ट्रैक की फिटनेस परीक्षण भी हुआ। 8 से 9 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चलते हुए Metro कोच 6 मिनट में गांधी नगर स्टेशन तक पहुंची। कोच को पहली बार रैंप व वायडक्ट पर पहुंचाने वाले ट्रेन ऑपरेटर सागर डांड थे। वह दिल्ली से मेरठ रुट पर चलने वाले रीजनल रैपिड ट्रांजिक्ट सिस्टम (RRTS) के अंतर्गत 180 Km / प्रतिघंटा की गति से चलने वाली सेमी high speed Metro ट्रेन को चला चुके हैं।
ट्रायल रन होने तक सागर ही इस Metro कोच के ड्राइवर की भूमिका में रहेंगे। उसके बाद मप्र Metro रेल कार्पोरेशन लि. कंपनी अपना ट्रेन ऑपरेटर नियुक्त करेगी। वहीं बुधवार को जैसे ही कोच प्लेटफार्म पर पहुंचे मेट्रो के इंजीनियर व स्टेशन का निर्माण कर रहे मजदूरों ने तालियां बजाकर स्वागत किया।
गांधी नगर स्टेशन से सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3 तक ट्रायल रन के 5.9 किलोमीटर के हिस्से में Metro कोच चलाया गया। हर प्लेटफार्म पर कोच के पहुंचने पर उसके गेट की मार्किग व प्लेटफार्म से दूरी का आकलन किया गया।

