आगर/ उज्जैन | महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पुत्र और सांसद श्रीकांत एकनाथ शिंदे गुरुवार को परिवार के साथ आगर जिले के बगलामुखी मंदिर पहुंचे | यह उन्होंने विशेष पूजन किया उनके साथ उनकी पत्नी भी मोजूद थी , बता दे की महाराष्ट्र में चुनावी तारीखों का एलान हो चूका है और आचार संहिता लग चुकी है , ऐसे में श्रीकांत शिंदे का आगर के बगला मुखी मंदिर में विशेष पूजन को पिता की सत्ता से जोड़कर देखा जा रहा है | मंदिर में श्रीकांत के द्वारा अपने पिता की विजय प्राप्ति के लिए पूजन अभिषेक किया गया है
आपको बता दे की महाराष्ट्र में चुनावी सरगर्मियों के साथ चुनाव आयोग ने तारीखों का एलान कर दिया है महाराष्ट्र की 288 सीट के लिए एक चरण में मतदान होगा 20 नवम्बर को महाराष्ट्र में मतदान की प्रक्रिया संपन्न होगी जबकि 23 नवम्बर को यह मतगणना और परिणाम की घोषणा की जाएगी |
महाकाल मंदिर में भी किये दर्शन
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एक्नाथ शिंदे के पुत्र और सांसद श्रीकांत शिंदे ने आगर के बगलामुखी मंदिर के बाद महाकाल मंदिर पहुँच कर भी दर्शन अभिषेक किया , श्रीकांत शिंदे का महाकाल मंदिर के गर्भगृह के अन्दर से दर्शन करने के बाद राजनीति गरमा गई , दरअसल महाकाल मंदिर के गर्भगृह में दर्शन पर प्रतिबन्ध है बावजूद श्रीकांत ने गर्भगृह में प्रवेश कर दर्शन किये |
मां बगलामुखी की पूजा इन कारणों से की जाती है:
- शत्रुओं से रक्षा के लिए, वाकसिद्धि के लिए
- वाद-विवाद में जीत के लिए,जीवन को निष्कंटक बनाने के लिए
- मनोकामनाएं पूरी करने के लिए
- यश, कीर्ति, विद्या, सुख, संपत्ति, और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए
- कोर्ट-कचहरी के मामलों और राजनीति में जीत के लिए
मां बगलामुखी को युद्ध की देवी भी कहा जाता है. दस महाविद्याओं में मां बगलामुखी आठवीं महाविद्या हैं. इनकी पूजा में पीले फूलऔर नारियल चढ़ाना शुभ माना जाता है. मां बगलामुखी की पूजा से जुड़ी कुछ और बातें:
- मां बगलामुखी की पूजा के लिए मंगलवार, बुधवार, और शनिवार के दिन को विशेष माना जाता है.
- किसी सामान्य काम के लिए 10,000 और असाध्य काम के लिए एक लाख मंत्रों का जाप करना चाहिए.
- बगलामुखी मंत्र जपने से पहले बगलामुखी कवच का पाठ करना चाहिए.
- मां बगलामुखी की पूजा में हल्दी की माला और पीले वस्त्र पहनने का विधान है.
- मां बगलामुखी की पूजा


