इंदौर | जिस बच्ची के दिल में छेद होने के कारण परिवार वालो ने उसे अनाथ बनाकर छोड़ दिया था, उसी बच्ची के दिल का छेद ही आज उसके लिए नई जिंदगी की वजह बन गया। विदेश में रहने वाले इटली के दंपती ने इस बच्ची को गोद ले लिया है। बच्ची के इंटरनेशनल एडॉप्शन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और इसी महीने दंपती इटली से इंदौर आने वाले हैं। वे उसे अपने साथ ले जाएंगे।
मासूम जन्म ठीक दो साल पहले 16 अप्रैल 2021 को नीमच में हुआ था। जन्म के बाद ही परिजन को उसके दिल में छेद होने की बात पता चली। इसके बाद उन्होंने उसे साथ नहीं रखने का फैसला कर लिया। नीमच में बच्चों की मदद के लिए काम करने वाली एक संस्था ने उसके इलाज के लिए काफी प्रयास किए। बच्ची को इंदौर लेकर आए और यहां नामी अस्पतालों में डॉक्टरों को दिखाया।
इस दोरान नीमच की सोशल संस्था ने इंदौर के सामाजिक संस्था संजीवनी सेवा संगम संस्था से संपर्क किया, जो 6 साल तक के बच्चों को अपने यहां रखती है। इसके बाद संस्था की आशा सिंह की मदद से वह 25 अक्टूबर 2021 को इंदौर आ गई। तब वो 6 महीने की ही थी। दिल में छेद होने की वजह से उसे संभालना आसान नहीं था।
डॉक्टरों ने सख्त हिदायत दी थी कि बच्ची के दिल में 14 एमएम का छेद है, इसलिए कोशिश करें कि उसे सर्दी-खांसी न हो और वो ज्यादा रोए नहीं। तब वजन कम होने के कारण उसका ऑपरेशन भी मुमकिन नहीं था। सर्जरी के लिए कम से कम 7 किलो वजन होना जरूरी बताया गया।
संस्था की केयरटेकर उसका विशेष तौर पर ध्यान रखने लगी। दिल में छेद होने की वजह से उसे स्पेशल चाइल्ड की कैटेगरी में रखा गया। 7 किलो वजन होने पर इसी साल फरवरी में उसको ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। सभी के मन में रह-रहकर ये सवाल उठ रहा था कि वह ठीक हो पाएगी या नहीं…? वो बच तो जाएगी ना…? आखिरकार डॉ. निशित भार्गव ने उसकी सर्जरी की।
ऑपरेशन के बाद करीब ढाई दिन तक उसे होश ही नहीं आया। इसके चलते उसे वेंटीलेटर पर भी रखा गया। बाद में जब उसने आंखें खोलीं, तो सभी ने राहत की सांस ली। कमजोरी की वजह से डॉक्टर ने उसे अंडा व अन्य पौष्टिक आहार खिलाने के लिए कहा। धीरे-धीरे शक्ति ने रिकवर किया और अब वो पूरी तरह से स्वस्थ है।

उज्जैन की मात्रछाया की मुन्नी को भी स्पेन के परिवार ने लिया था गोद ,अब इंदौर की शक्ति जा रही इटली
इससे पहले उज्जैन की सामाजिक संस्था मात्र छाया में पलने वाली मुन्नी को भी स्पेन के परिवार ने गोद लिया था जिसके बाद आज मुन्नी स्पेन की बेटी बन कर रह रही है , धीरे धीरे बढ़ते समय और उम्र ने मुन्नी को इतना बदल दिया की वह आज पहचान में भी नही आती है |

इसी तरह अब इंदौर की शक्ति को इटली के परिवार ने भी गोद लिया है ,दरअसल इंटरनेशनल एडॉप्शन में नि:संतान या जिन दंपती को बच्चा गोद लेना है, उन्हें पहले सेंट्रल एडॉप्शन अथॉरिटी (कारा) में रजिस्ट्रेशन कराना होता है। उसके बाद ही आगे की प्रोसेस होती है। इटली के दंपती ने भी रजिस्ट्रेशन करवाया था। दोनों की उम्र 42 साल है और 3 साल पहले ही दोनों ने शादी की है।
जो भी दंपती बच्चे को गोद लेना चाहते हैं, पहले उनके बारे में पूरी जांच-पड़ताल की जाती है और इसकी एक रिपोर्ट भी तैयार होती है। इसके बाद ही बच्चा गोद देने का फैसला किया जाता है। इटली में एक अन्य संस्था की मदद से दंपती की रिपोर्ट तैयार करवाई गई। जिसके बाद कारा ने दंपती को शॉर्ट लिस्ट किया और इसको उन्हें गोद देने का फैसला किया। इसके बाद इंदौर की संजीवनी सेवा संगम को सूचना और दंपती की प्रोफाइल भेजी गई।
