भोपाल | वन्दे भारत ट्रेन से जुडी एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है ,मध्य प्रदेश के भोपाल में एक युवक भोपाल स्टेशन पर दक्षिण एक्सप्रेस ट्रेन का इंतजार कर रहा था. इस ट्रेन से उसे हैदराबाद सिंगरौली मैं जाना था. लेकिन स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते समय उसे पेशाब आ गई. इसके बाद वो पेशाब करने के लिए वंदे भारत ट्रेन में चढ़ गया., और इसी बिच ट्रेन चल दी , चूँकि ट्रेन के दरवाजे आटोमेटिक थे इसलिए उक्त युवक ट्रेन से उतरने के प्रयास में असफल रहा और भोपाल से उज्जैन पहुच गया |
युवक को ऐसा करने पर न सिर्फ 6000 रुपे की चपत लगी बल्कि उसे और उसके परिवार को मानसिक प्रताड़ना भी झेलना पड़ी. जिस शख्स के साथ ये वाकया हुआ , उसका नाम अब्दुल कादिर है और उसकी उम्र 42 साल है. वो सिंगरौली के बैढन क्षेत्र मे रहने वाला है.
मामला पुराना जरुर है लेकिन अन्य लोगो को सतर्क और जागरूक करने वाला है दरअसल 15 जुलाई को अब्दुल कादिर भोपाल स्टेशन पर अपनी ट्रेन का इंतजार कर रहा था कि तभी उसे तेज पेशाब आने लगी. इसके बाद वो पेशाब करने के लिए स्टेशन पर बने शौचालय की जगह इंदौर जाने के लिए खड़ी वंदे मातरम ट्रेन में चला गया.जहां पेशाब करने के बाद जब वह बाहर आने लगा तो ट्रेन के दरवाजे बंद होने पर वह घबरा गया. उसे इस ट्रेन के बारे में कोई जानकारी नहीं थी कि ट्रेन के गेट ऑटोमेटिक हैं और वे ट्रेन के चलते ही लॉक हो जाते हैं. इसके बाद वो स्टेशन पर नहीं उतर सका.
ट्रेन के आगे बढ़ते ही अब्दुल कादिर ने टीटी और पुलिस से मदद मांगी और इसके साथ ही अपनी भूल को भी स्वीकार किया. कादिर का कहना था कि ट्रेन को रुकवाकर गेट खोल दिया जाए, जिससे कि वह रेलवे स्टेशन पर बेठी अपनी पत्नी और बीमार बेटे के पास फिर पहुंच जाए. लेकिन टीटी और पुलिसकर्मियों ने अब्दुल कादिर की बात नहीं सुनी और उसका 1020 रुपए का टिकट हजार्ने सहित काट दिया
बताया जाता है कि इस पूरी घटना के दौरान अब्दुल कादिर का 8 साल का बेटे को तेज बुखार था. परिवार चाहता था कि वह जल्द से जल्द घर पहुंच जाएं लेकिन सिंगरौली जाने वाली दक्षिण एक्सप्रेस भोपाल से लगभग 9 बजे रवाना होती है, इसीलिए अब्दुल कादिर और उसका परिवार प्लेटफार्म पर ही 2 घंटे का समय जैसे तैसे बीता रहा था. लेकिन इस दौरान यह पूरी घटना घटी. उज्जैन आने के बाद अब्दुल कादिर बस से भोपाल पहुंचा था.
