जींद (हरियाणा): भारतीय रेलवे के इतिहास में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली रेलगाड़ी (नमो ग्रीन रेल) को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
यह ऐतिहासिक ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच चलाई जाएगी, जो पूरी तरह प्रदूषण मुक्त और आधुनिक तकनीक से लैस है। [1]
क्या है हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक?
यह स्पेशल ट्रेन अत्याधुनिक हाइड्रोजन फ्यूल सेल (Hydrogen Fuel Cell) तकनीक से संचालित होती है। यह तकनीक ट्रेन को चलाने के लिए हाइड्रोजन को बिजली (इलेक्ट्रिसिटी) में परिवर्तित करती है। सबसे खास बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में उप-उत्पाद (By-product) के रूप में कोई धुआं या हानिकारक गैस नहीं, बल्कि सिर्फ जल वाष्प (Water Vapour) उत्सर्जित होती है। इससे संचालन के दौरान कार्बन उत्सर्जन शून्य (Zero Carbon Emission) रहता है।
‘मेक इन इंडिया’ की शानदार मिसाल
यह देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन है। इसे पूरी तरह भारत में ही डिजाइन, इंजीनियर और एकीकृत (Integrate) किया गया है। यह उन्नत रेलवे इंजीनियरिंग में देश की आत्मनिर्भरता और बढ़ती तकनीकी क्षमताओं का एक बड़ा उदाहरण है।
ट्रेन की मुख्य विशेषताएं एक नज़र में:
- रूट: जींद से सोनीपत (हरियाणा)
- ईंधन: हाइड्रोजन फ्यूल सेल (जीरो कार्बन उत्सर्जन)
- बाय-प्रोडक्ट: धुएं की जगह सिर्फ पानी की भाप (जल वाष्प)
- कोच की संख्या: 10 कोच वाली आधुनिक ट्रेन
- रफ्तार: ट्रायल के दौरान इसने 120 किमी/घंटा तक की गति छुई है, जबकि रूट पर यह लगभग 75 किमी/घंटा की रफ़्तार से चलेगी।
- वैश्विक गौरव: इस कामयाबी के साथ भारत अब जर्मनी और जापान जैसे चुनिंदा देशों के ‘विशेष हाइड्रोजन क्लब’ में शामिल हो गया है।
हरियाणा को मिलेगी ₹14,700 करोड़ से अधिक की सौगात
इस उद्घाटन समारोह के दौरान पीएम मोदी एकलव्य स्टेडियम से हरियाणा के लिए 14,700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी करेंगे। इसमें कुरुक्षेत्र एलिवेटेड रेलवे ट्रैक, नए मेडिकल कॉलेज और कई महत्वपूर्ण हाईवे प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
