इंदौर, (विशेष संवाददाता): || मध्य प्रदेश की सियासत में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब इंदौर पुलिस ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के छोटे भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी को गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, यह बड़ी कार्रवाई ड्रग सप्लाई से जुड़े एक मामले में की गई है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद राजेंद्रनगर पुलिस आरोपी को किसी अज्ञात स्थान पर ले गई है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।
ड्रग पेडलर की पूछताछ में सामने आया नाम
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने हाल ही में ड्रग तस्करी के आरोप में एक सप्लायर को दबोचा था। पुलिसिया पूछताछ के दौरान उक्त ड्रग सप्लायर ने कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी के नाम का खुलासा किया। इसके बाद हरकत में आई राजेंद्रनगर पुलिस ने गुरुवार दोपहर योजनाबद्ध तरीके से नाना पटवारी को हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई की पुष्टि शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने भी की है।
कानूनी सलाहकारों की बैठक, कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप
अपने भाई की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने तत्काल अपने कानूनी सलाहकारों के साथ आपातकालीन चर्चा की है। इस बीच, पूरी कांग्रेस पार्टी इस कार्रवाई के खिलाफ लामबंद हो गई है। कांग्रेस ने इसे भाजपा सरकार का राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है।
पार्टी नेताओं का आरोप है कि जीतू पटवारी ने हाल ही में मध्य प्रदेश में फैले कथित भ्रष्टाचार और उज्जैन जमीन खरीद मामले को लेकर एक बड़े आंदोलन की घोषणा की थी। सरकार इस आंदोलन से घबरा गई है और विपक्ष की आवाज को दबाने तथा पटवारी पर दबाव बनाने के लिए उनके भाई को झूठे मामले में फंसाकर यह कार्रवाई कराई गई है।
परंपरा से बचा जाना चाहिए: विवेक तन्खा
इस हाई-प्रोफाइल मामले पर राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पुलिस और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए लिखा— “इस तरह की कार्रवाई भविष्य में गंभीर परिस्थितियां पैदा कर सकती है। ऐसी राजनीतिक परंपरा से बचा जाना चाहिए।”
फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य कड़ियों को खंगाल रही है, जबकि दूसरी ओर इस मुद्दे पर राज्य में एक बड़ा राजनीतिक बवाल खड़ा होना तय माना जा रहा है।
