_संवाददाता_
प्रशासन और कंपनी की लापरवाही से फिर दोहराया हादसा, सुरक्षा उपकरणों पर उठे सवाल
उज्जैन। पीपली नाका क्षेत्र में मंगलवार सुबह सीवरेज चेंबर की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। जहरीली गैस की चपेट में आने से एक सफाईकर्मी की मौत हो गई, जबकि दो अन्य कर्मचारी बेहोश हो गए। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीम की तत्परता से दोनों को बाहर निकाला जा सका।
जानकारी के अनुसार पीपली नाका स्थित सीवरेज चेंबर जाम होने की सूचना पर सुबह करीब 11 बजे टाटा कंपनी के सीवरेज प्रोजेक्ट से जुड़े सफाईकर्मी अशोक, गोपाल डाबी और रमेश चौहान जेटिंग मशीन के साथ सफाई के लिए पहुंचे थे।
सबसे पहले अशोक चेंबर में उतरा, लेकिन पैर फिसलने से वह नीचे गिर गया और जहरीली गैस की चपेट में आ गया। उसे बचाने के लिए गोपाल डाबी उतरा, लेकिन वह भी बेहोश होकर गिर पड़ा। इसके बाद रमेश चौहान दोनों को निकालने गया तो वह भी गैस के कारण अचेत हो गया।
इसी दौरान मौके से गुजर रहे उज्जैन पुलिस अधीक्षक ने रेस्क्यू टीम को सूचना दी। रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों बेहोश कर्मचारियों को बाहर निकाला। वहीं अशोक की मौके पर ही मौत हो गई।
*प्रशासन पर उठे सवाल*
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन और टाटा कंपनी को घेरते हुए कहा कि सीवरेज सफाई में सुरक्षा उपकरण, गैस डिटेक्टर और प्रशिक्षित मैनपावर की व्यवस्था नहीं की गई। बिना सुरक्षा के कर्मचारियों को चेंबर में उतारना मानव जीवन से खिलवाड़ है।
लोगों का आरोप है कि करोड़ों की सीवरेज परियोजना में ठेकेदार केवल खानापूर्ति कर रहा है। पहले भी शहर में ऐसे हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
नगर निगम और कंपनी अधिकारियों से जवाब मांगा गया है कि सफाईकर्मियों को सुरक्षा किट, ऑक्सीजन सिलेंडर और प्रशिक्षण क्यों नहीं दिया गया। यदि दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज हो।
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
