नासिक: देश के कई राज्यों में मानसूनी बारिश अब आफत बनने लगी है। महाराष्ट्र के नासिक जिले में अगले 24 घंटे के भीतर 300 मिलीमीटर (mm) तक अत्यधिक भारी बारिश और बादल फटने जैसी स्थिति (Cloudburst-like situation) का हाई अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग (IMD) की इस गंभीर चेतावनी के बाद राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग त्र्यंबकेश्वर मंदिर और सप्तशृंगी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए दर्शन अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। इसके साथ ही नासिक, इगतपुरी और त्र्यंबकेश्वर सहित 6 तहसीलों में स्कूल-कॉलेज और साप्ताहिक बाजारों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।
अरब सागर में बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र (Deep Depression) के कारण नासिक-त्र्यंबकेश्वर बेल्ट पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष में स्थिति की समीक्षा की और बताया कि नासिक में बेहद कम समय में भारी बारिश (Cloudburst) हो सकती है।
- प्रशासन की तैयारी: संभावित बाढ़ से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और एसडीटीएफ (SDTF) की टीमों को तुरंत नासिक और संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दिया गया है।
- वर्क फ्रॉम होम (WFH) एडवाइजरी: नासिक नगर निगम ने निजी कंपनियों को अपने कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम लागू करने की सलाह दी है ताकि सड़कों पर भीड़ कम रहे।
- पर्यटकों पर रोक: जिला कलेक्टर आयुष प्रसाद ने पर्यटकों को किलों, ट्रैकिंग रूटों और जलप्रपातों (Waterfalls) पर न जाने की सख्त हिदायत दी है।
