इंदौर: मध्य प्रदेश की राजनीति में उस वक्त भारी उबाल आ गया जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के छोटे भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी को इंदौर पुलिस ने हिरासत में लिया और घंटों की पूछताछ के बाद देर रात रिहा कर दिया. पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ शुक्रवार को दोनों भाइयों ने संयुक्त रूप से मीडिया के सामने आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की. जीतू पटवारी और नाना पटवारी ने पुलिस की इस कार्रवाई को पूरी तरह से ‘बदले की राजनीति’ और विपक्ष को दबाने की साजिश बताया.
“जीतू पटवारी का भाई होना ही मेरी एकमात्र गलती” – नाना पटवारी
प्रेस वार्ता के दौरान नाना पटवारी ने मीडिया के हर सवाल का बेबाकी से जवाब दिया. उन्होंने सीधे तौर पर कहा, “मेरी गलती सिर्फ इतनी है कि मैं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का भाई हूँ.”
नाना पटवारी ने पुलिस की थ्योरी को नकारते हुए निम्नलिखित बातें कहीं:
नाना पटवारी ने पुलिस की थ्योरी को नकारते हुए निम्नलिखित बातें कहीं:
- ड्रग्स मामले से कोई संबंध नहीं: पकड़े गए कथित ड्रग्स पेडलर्स या ब्राउन शुगर की खरीद-फरोख्त से उनका कोई लेना-देना नहीं है.
- गाड़ी सर्विसिंग के दौरान उठाया: वे अपनी गाड़ी सर्विसिंग और धुलाई के लिए लेकर गए थे, तभी पुलिस उन्हें अचानक अपने साथ ले गई.
- बिना कारण दिनभर घुमाया: पुलिस ने हिरासत में लेने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया, थाने में केवल नाम पूछा और दिनभर शहर में इधर-उधर घुमाकर देर रात छोड़ दिया.
- पुरानी लत को स्वीकारा: नाना पटवारी ने बड़ी पारदर्शिता के साथ स्वीकार किया कि वे करीब 3 साल पहले तक ड्रग्स की लत में थे, लेकिन रिहैब सेंटर में इलाज के बाद वे पूरी तरह नशा छोड़ चुके हैं.
जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा – “हम न डरेंगे, न झुकेंगे”
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पूरी कार्रवाई पर मुख्यमंत्री और भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने और विपक्ष की आवाज को कुचलने के लिए उनके परिवार को निशाना बना रही है. [1, 2, 6]
जीतू पटवारी ने प्रेस वार्ता में कड़े शब्दों में कहा:
“बिना किसी पूर्व सूचना या अपराध के मेरे भाई को उठाना यह स्पष्ट करता है कि राज्य सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर रही है. जो भी सरकार के खिलाफ आवाज उठाएगा, उसे कानूनी जाल में फंसाया जाएगा. लेकिन हम इस तरह के दबावों से डरने या झुकने वाले नहीं हैं, हम मैदानी लड़ाई और मजबूती से लड़ेंगे.”
क्या है पूरा मामला?
इंदौर की राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात को मुखबिर की सूचना पर दो कथित ड्रग्स पेडलरों को 10 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया था. पुलिस का दावा था कि आरोपियों से पूछताछ और कॉल डिटेल्स के आधार पर नाना पटवारी का नाम सामने आया, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया था. हालांकि, कोई आधिकारिक एफआईआर दर्ज न होने के कारण और प्रारंभिक पूछताछ के बाद देर रात उन्हें उनके वकील जय हार्डिया की सुपुर्दगी में छोड़ दिया गया. [5, 6, 8]
फिलहाल इस हाई-प्रोफाइल मामले के बाद मध्य प्रदेश का राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है और कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार किए हुए है.

