नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत होते ही दिल्ली का सियासी पारा गरमा गया है। सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं और छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज का मुद्दा राज्यसभा में जोरदार ढंग से उठा। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए सदन में भारी नारेबाजी की, जिसके चलते राज्यसभा की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।
कांग्रेस राष्ट्रिय अध्यक्ष और संसद सदस्य खड़गे ने सरकार पर साधा निशाना, कहा– ‘बच्चों को मारने की हो रही कोशिश’
राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जंतर-मंतर की घटना पर बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने सदन में देश के लाखों बच्चों के भविष्य का हवाला देते हुए कहा: [1, 4]
“यह लाखों बच्चों के भविष्य से जुड़ा मामला है। जंतर-मंतर पर देश के हजारों बच्चे और युवा अपनी मांगों को लेकर इकट्ठा हुए हैं। लेकिन सरकार उन पर लाठीचार्ज करवा रही है। उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। सरकार लाठी के दम पर सच को छिपाना चाहती है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” [1]
खड़गे के इस बयान के बाद विपक्ष के सांसद वेल में आ गए और सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। स्थिति को नियंत्रण से बाहर होते देख आसन ने सदन की कार्यवाही को स्थगित करने का फैसला सुनाया।
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जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे थे प्रदर्शनकारी
जानकारी के मुताबिक, NEET परीक्षा घोटाले, पेपर लीक और रोजगार जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर छात्र और विभिन्न युवा संगठन जंतर-मंतर पर ‘संसद चलो’ मार्च निकालने के लिए एकत्रित हुए थे। जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन की ओर बढ़ने का प्रयास किया, दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हो गई, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया और कई युवाओं को हिरासत में ले लिया।
अखिलेश यादव ने अपने सांसदों को दिए निर्देश: “तुरंत मौके पर जाकर छात्रों से मिलो”
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। युवाओं पर पुलिसिया कार्रवाई की खबर मिलते ही उन्होंने अपनी पार्टी के सांसदों को तुरंत जंतर-मंतर पहुंचने के निर्देश दिए। अखिलेश यादव ने अपने सांसदों से कहा कि वे तुरंत मौके पर जाएं, घायल और पीड़ित छात्रों से मुलाकात करें और समाजवादी पार्टी की ओर से उनके इस आंदोलन को पूरा समर्थन दें।
गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के सांसद पहले भी जंतर-मंतर पर जारी विभिन्न विरोध प्रदर्शनों में शामिल होकर छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को अपना समर्थन दे चुके हैं। विपक्ष ने साफ कर दिया है कि इस मानसून सत्र में पेपर लीक, युवाओं पर अत्याचार और तानाशाही रवैये को लेकर सरकार से संसद से लेकर सड़क तक तीखे सवाल पूछे जाएंगे।
