> जनसंवाद एक्सप्रेस
उज्जैन। उज्जैन जिले में भी शिक्षा व्यवस्था के प्रशासनिक ढांचे में कसावट के लिए एरिया एज्युकेशन ऑफिसर की नियुक्ति होना है लेकिन बताया जा रहा है कि ये नियुक्तियां दस्तावेजों में फिलहाल उलझी हुई है। गौरतलब है कि जिले सहित पूरे प्रदेशभर में एईओ की करीब तीन हजार नियुक्तियां होना है।
मौजूदा सत्र के जुलाई माह से इन अधिकारियों को नियुक्त किया जाना था। यह माह धीरे-धीरे विदाई की ओर जा रहा है। अभी राज्य के एक भी जिले में इनकी पदस्थापना नहीं हो पाई है। अब विभाग का कहना है कि इसके लिए नियम में संशोधन करना है।
जुलाई से नियुक्ति करने की तैयारी की गई थी
जानकारी के अनुसार, प्रदेश में पिछले एक दशक से यह नियुक्तियां टल रही हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने वर्ष 2013 में राज्य शिक्षा सेवा लागू की थी। राजपत्र अधिसूचना में अन्य अधिकारियों के अलावा एईओ के 3 हजार 212 पद सृजित किये गये थे। इसके बाद साल 2014 में एईओ पद के लिए डिपार्टमेंट ने बाकायदा परीक्षा ली थी। इस परीक्षा में अध्यापक श्रेणी से माध्यमिक शिक्षक एवं पूर्व कैडर से यूडीटी और हेडमास्टर शामिल हुए थे। परीक्षा में मेरिट के आधार पर चयन हुआ। इसके बाद मामला कोर्ट में चला गया था। न्यायालय भी डिसीजन दे चुका है। फिर इसी साल जुलाई से नियुक्ति करने की तैयारी की गई थी। इसके लिए बाकायदा हर जिले में एरिया मैपिंग भी हुई, लेकिन जब नियुक्ति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी तो चयनितों ने फिर विभाग का दरवाजा खटखटाया था। अब विभाग ने नियम संशोधन की बात कही है।
इनका कहना है
लोक शिक्षण संचालनालय के डायरेक्टर केके द्विवेदी का कहना है कि एरिया एज्युकेशन ऑफीसरों की नियुक्ति के लिए अभी नियमों में संशोधन होगा। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। नियमों में सुधार के बाद ही नियुक्तियां होगी।
