सौसर || औद्योगिक क्षेत्र की एवीजे फैक्ट्री में एक बार फिर बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया है, यह हादसा एक शराब बनाने वाली कंपनी में हुआ है। एक रिपोर्ट से पता चलता है कि एक टैंक के नीचे मजदूर दब गए हैं, और दो घायलों को सौसर अस्पताल ले जाया गया है। जिसने न सिर्फ मजदूरों की जिंदगी को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि फैक्ट्री प्रबंधन की घोर लापरवाही और गैरजिम्मेदाराना रवैये को भी उजागर कर दिया है। यह हादसा फैक्ट्री के बॉयलर के पास हुआ, जहां अचानक विस्फोट जैसा हुआ और वहां काम कर रहे 7 से 8 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए।
इनमें से 2 मजदूर बुरी तरह झुलस गए हैं, जिन्हें आनन फानन ।ए सावनेर अस्पताल भेजा गया और फिर हालत गंभीर होने के चलते नागपुर रेफर किया गया। हादसे में घोटी निवासी संजय कोल्हे, नीलेश डोईफोडे, चंद्रशेखर बल्कि, मंगेश बल्कि, लोकेश गोवर्धन और अन्य दो लोग घायल हुए है।

हादसे के बाद एक बार फिर यह साफ हो गया है कि इस फैक्ट्री में सुरक्षा नाम की कोई व्यवस्था नहीं है ना सेफ्टी शूज, ना हेलमेट, ना ही किसी तरह के सुरक्षात्मक उपकरण। यहां मजदूरों की जिंदगी से खुला खिलवाड़ हो रहा है और यह कोई पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी इसी फैक्ट्री में एक युवक की दर्दनाक हादसे में जान जा चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद फैक्ट्री प्रबंधन ने न तो कोई सबक लिया और न ही कोई सुधार किया।
इस ए वी जे फैक्ट्री में हर दिन मजदूर अपनी जान हथेली पर रखकर काम करने को मजबूर हैं, और फैक्ट्री संचालक इतने बेशर्म हैं कि वो अपनी ज़िम्मेदारियों से आंख मूंदे बैठे हैं। यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं बल्कि एक सिस्टम की नाकामी और इंसानियत पर सवाल है।
