पन्ना।। पन्ना टाइगर रिजर्व की शान कही जाने वाली हथिनी वत्सला ने पन्ना रिजर्व के हिनौता रेंज स्थित हाथी कैंप में दोपहर करीब 1:30 बजे अंतिम सांस ली. हथिनी की मौत की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र संचालक अंजना सुचिता तिर्की, डिप्टी डायरेक्टर मोहित सूद मौके पर पहुंचे. जहां हिनौता कैंप में वत्सला हथिनी का अंतिम संस्कार किया गया.
पन्ना।।पन्ना: दुनिया की सबसे उम्रदराज हथिनी हमारे बीच नहीं रही. पन्ना टाइगर रिजर्व की शान कही जाने वाली हथिनी वत्सला ने पन्ना रिजर्व के हिनौता रेंज स्थित हाथी कैंप में दोपहर करीब 1:30 बजे अंतिम सांस ली. हथिनी की मौत की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र संचालक अंजना सुचिता तिर्की, डिप्टी डायरेक्टर मोहित सूद मौके पर पहुंचे. जहां हिनौता कैंप में वत्सला हथिनी का अंतिम संस्कार किया गया.
बीमार चल रही थी हथिनी
सबसे उम्र दराज होने के कारण वत्सला हथिनी से काम नहीं लिया जाता था. इसे महावतों की देखरेख एवं वन्य प्राणी चिकित्सक की निगरानी में रखा जाता था. कुछ दिन पूर्व हथिनी पास स्थित नाले में गिर गई थी. जिससे वह चोटिल हो गई थी. जिसके बाद उसका इलाज चल रहा था. इसके अलावा उसे मोतियाबिंद की भी शिकायत थी. जिससे उसे कम दिखने लगा था. इसलिए उसकी दवाइयां एवं विशेष आहार जैसी दलिया-फ्रूट समय पर दिया जाता था. साथ वत्सला को बहुत दूर घूमाने के लिए भी नहीं ले जाया जाता था. उसका विशेष ध्यान रखा जाता था.
दाई मां के नाम से मशहूर थी वत्सला
वन प्राणी विशेषज्ञ एवं पर्यावरणविद् राजेश दीक्षित ने बताया कि “वत्सला हथिनी की मौत पन्ना टाइगर रिजर्व के लिए बहुत बड़ी क्षति है. उसकी मौत की खबर सुनकर मेरा मन बहुत दुखित हो रहा है, क्योंकि मैं उस हथनी के बहुत करीब रहा हूं. वह हथिनी इतनी अच्छी थी कि दूसरी हथिनियों के बच्चों को भी दुलार करती थी. जिसके चलते उसे दाई मां के नाम से भी जाना जाता था. उन्होंने कहा कि इस बात का दुख है कि उसका नाम गिनीज ऑफ वर्ल्ड में रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो पाया.”
मुख्यमंत्री ने व्यक्त किया दुःख
हथिनी की मौत की खबर मिलने के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट डाल कर दुःख जताया है
