बिलासपुर || राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने का सपना देख रहे खिलाड़ी बच्चों के भविष्य के साथ बिलासपुर में गंभीर खिलवाड़ हो रहा है। सरकारें भले ही खिलाड़ियों को व्यापक सुविधाएँ देने के दावे कर रही हों, लेकिन खेल विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इन दावों पर पानी फेरते दिखाई दे रहे हैं। ताज़ा मामला बिलासपुर का है, जहां राष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ियों को हॉकी मैदान, स्टिक और बॉल तक उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। खिलाड़ियों के अनुसार पिछले लगभग एक महीने से प्रशिक्षक भी मैदान में नहीं पहुंचे, जिसके कारण करीब 60 खिलाड़ियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
खिलाड़ी बच्चों में खेल विभाग की इस लापरवाही को लेकर भारी रोष है। इस मुद्दे पर खेल विभाग के उच्च अधिकारियों से संपर्क करने पर उन्होंने कैमरे के सामने कुछ कहने से साफ इंकार कर दिया। पूर्व राष्ट्रीय स्तरीय हॉकी खिलाड़ी सूजल ठाकुर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि खिलाड़ियों की मांगें शीघ्र पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा, जिसके लिए संबंधित विभाग और सरकार जिम्मेदार होगी।
