भोपाल | मध्यप्रदेश भाजपा में शायद सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है ये बात भाजपा के वरिष्ठ नेताओ की जुबान से निकलने वाले शब्दों से पता चल रही है | प्रदेश में हालही में विधानसभा चुनाव संपन्न हुए है , एक बार फिर भाजपा ने यह अपनी सरकार बनाई है , लेकिन इसके बाद भी प्रदेश में 18 साल से बतोर मुख्यमंत्री काम करने वाले कद्दावर नेता शिवराज सिंह को पार्टी ने मुख्यमंत्री ना बनाने का फैसला किया , और शिवराज केबिनेट में उच्च शिक्षा मंत्री रहे डॉ मोहन यादव को प्रदेश के मुख्यमंत्री का ताज पहनाया गया |
यह तक तो ठीक था नव नियुक्त मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की केबिनेट में शिवराज सिंह के नजदीकी माने जाने वाले कई पूर्व मंत्रियो को भी अवसर नहीं मिला |
वही बात पार्टी के उन कद्दावर नेताओ की करे जिन्हें केंद्र की राजनीति से राज्य में भेजा गया जिन्हें ऐसा लग रहा था की वह मुख्यमंत्री बन सकते है उन्हें भी नई सरकार में बतोर मोहन केबिनेट के मंत्री बना कर उनके उच्च विचारो पर भी विराम लगा दिया |
शिवराज सिंह का दर्द नहीं हो रहा कम
अब प्रदेश की राजनीति पर नजर डाले तो नए मुख्यमंत्री और नई सरकार को लगातार पूर्व मुख्यमंत्री के शब्दों के बाणों का सामना करना पढ़ रहा है , लगातार शिवराज सिंह द्वारा प्रदेश के दौरे के दोरान बयान बाजी की जा रही है जो अख़बार और टीवी चेनल के साथ साथ सोशल मिडिया की सुर्खिया बन रही है |
हालही में नए मुख्यमंत्री मोहन यादव के द्वारा लाउड स्पीकर पर प्रतिबन्ध लगाने का आदेश दिया गया था जिसके बाद शिवराज सिंह जब सीहोर दौरे पर गए तो उनसे डीजे और बैंड बाजे वालो ने मुलाक़ात की , जिस पर शिवराज सिंह ने अपनी ही सरकार के प्रति सख्त रुख दिखाते हुए कहा की किसने बजाने से रोका है बजाए अगर कोई रोके तो मुझे बताना में सब देख लूँगा |
शिवराज का ये बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है |
मंच से कहा होर्डिंग से फोटो हो रहे गायब
इसी तरह एक अन्य कार्यक्रम में भी शिवराज सिंह का भाषण देने के दोरान एक तंज सामने आया उन्होंने कहा की जब मुख्यमंत्री रहते है तो लोग अपने पैरो को फुल समझ लेते है लेकिन जब मुख्यमंत्री नहीं है तो होर्डिंग से फोटो ऐसे गायब होते जैसे गधे के सिर से सींग
राजनीति में राजतिलक से वनवास
शिवराज सिंह के भाषण में निकलने वाली भावुकता ऐसे ही एक और कार्यक्रम में देखने को मिली यह उन्होंने मंच से कहा था की राजनीती कब किस करवट पलट जाए भरोसा नहीं राजनीति में राज तिलक होते होते इन्सान का वनवास हो जाता है |
