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सावधान! इंस्टाग्राम-फेसबुक पर इलाज बेचने वाला बड़नगर का वेदांटा हॉस्पिटल सील, मिलीं अमानक दवाइयां

उज्जैन (बड़नगर)। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर तहसील में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फर्जी और नियम विरुद्ध चल रहे चिकित्सा संस्थानों पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। यहां एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रशासन द्वारा सील किए गए एक अवैध अस्पताल को कुछ ही देर बाद दोबारा खोल दिया गया।

शनिवार को जैसे ही स्वास्थ्य विभाग को इसकी भनक लगी, टीम ने तुरंत दोबारा मौके पर पहुंचकर अस्पताल को फिर से सील कर दिया।
📱 सोशल मीडिया पर चल रहा था इलाज का ‘धंधा’
जांच में सामने आया कि इस अस्पताल का कथित डॉक्टर मूल रूप से होम्योपैथिक डिग्री धारक है, लेकिन वह नियमों को ताक पर रखकर मरीजों का एलोपैथिक (अंग्रेजी दवाओं से) इलाज कर रहा था। इतना ही नहीं, यह डॉक्टर फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए भी ऑनलाइन मरीजों को परामर्श और दवाइयां बांट रहा था।

💊 अमानक दवाइयों का बड़ा जखीरा बरामद

स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी के दौरान अस्पताल परिसर से भारी मात्रा में अमानक (Substandard) और प्रतिबंधित दवाइयां बरामद की गई हैं। इन दवाइयों को बिना किसी डॉक्टर के पर्चे और बिना वैध रिकॉर्ड के मरीजों को ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा था।

🛑 एक साथ 8 क्लीनिक, मेडिकल और लैब सील

जिला स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. ए.के. पटेल के निर्देशन में शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम ने बड़नगर के ग्रामीण और शहरी इलाकों में करीब एक दर्जन अस्पतालों, क्लीनिकों और लैब्स पर अचानक दबिश दी। इस जांच अभियान में शामिल डॉ. विक्रम रघुवंशी ने बताया कि क्षेत्र में बिना रजिस्ट्रेशन, अमान्य डिग्री और गंभीर लापरवाही के साथ मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा था।

कार्रवाई का पूरा ब्योरा:

    • कुल सील संस्थान: 8 क्लीनिक, 1 मेडिकल स्टोर और 1 पैथोलॉजी लैब।
    • प्रमुख अनियमितताएं: बिना वैध रजिस्ट्रेशन के संचालन, एलोपैथी की डिग्री न होना, और गंदगी के बीच इलाज।
    • प्रशासनिक रुख: सभी फर्जी डॉक्टरों और बिना पंजीयन लैब संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से पूरे बड़नगर क्षेत्र के झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध रूप से चल रहे मेडिकल सेंटर्स में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।

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