गुणवत्ता व समय-सीमा से समझौता नहीं: आशीष सिंह | किसानों को शीघ्र मुआवजे का भरोसा
उज्जैन, संवाददाता। सिंहस्थ 2028 महापर्व की तैयारियों में लापरवाही पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को शिप्रा तट पर निर्माणाधीन श्री अंगारेश्वर-सिद्धवट ब्रिज का निरीक्षण करने पहुंचे संभागायुक्त आशीष सिंह ने काम की धीमी गति पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्माण एजेंसी डीआरए अग्रवाल कंस्ट्रक्शन पर तत्काल 5 लाख रुपए की पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए।
संभागायुक्त आशीष सिंह के साथ कलेक्टर रोशन सिंह भी निरीक्षण में मौजूद रहे। मोक्षदायिनी शिप्रा में सिंहस्थ के दौरान संत-महात्माओं सहित करोड़ों श्रद्धालुओं को सुविधापूर्वक स्नान कराने और भीड़ नियंत्रण के लिए नए ब्रिज बनाए जा रहे हैं। निरीक्षण में सामने आया कि श्री अंगारेश्वर से सिद्धवट मंदिर को जोड़ने वाले ब्रिज का काम तय शेड्यूल से काफी पीछे चल रहा है।’
गुणवत्ता और डेडलाइन दोनों जरूरी
संभागायुक्त आशीष सिंह ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और एजेंसी प्रतिनिधियों को दो टूक कहा, “मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के स्पष्ट निर्देश हैं कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरे हों। इसमें कोई कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।” उन्होंने निर्देश दिए कि हर लॉट की निर्माण सामग्री की लैब में अनिवार्य जांच कराई जाए और क्वालिटी रिपोर्ट रजिस्टर में विधिवत संधारित की जाए
किसानों को मिला आश्वासन
निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय किसान ने संभागायुक्त से मुलाकात कर ब्रिज निर्माण में अधिग्रहित जमीन का मुआवजा न मिलने की शिकायत की। इस पर संभागायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रकरण दिखवाने के निर्देश दिए और किसान को आश्वस्त किया कि नियमानुसार मुआवजा शीघ्र ही उनके खाते में पहुंच जाएगा।
सख्त तेवर में दिखे संभागायुक्त
पूरे निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त आशीष सिंह सख्त नजर आए। उन्होंने चेतावनी दी कि सिंहस्थ जैसे वैश्विक आयोजन से जुड़े कार्यों में देरी या गुणवत्ता से समझौता करने पर आगे और कठोर कार्रवाई होगी। एजेंसी को मैनपावर और मशीनरी बढ़ाकर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।



