भोपाल / उज्जैन || एक तरफ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार आम जनता और नेताओं को सोना, विदेश यात्रा और रोजमर्रा के खर्चों में किफायत बरतने (बचत करने) की सलाह दे रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, मध्य प्रदेश में सत्ता के गलियारों से वीआईपी कल्चर (VIP Culture) की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने सबको हैरान कर दिया है।
ताजा मामला मध्य प्रदेश का है, जहाँ सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक में मंत्रियों से जनता को पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए प्रेरित करने को कहा था। ठीक उसी दिन, भाजपा नेता और मप्र पाठ्य पुस्तक निगम के नए चेयरमैन सौभाग्य सिंह ठाकुर ने एक अलग ही शक्ति प्रदर्शन कर डाला
उज्जैन से भोपाल तक गाड़ियों की कतार
मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष पदभार ग्रहण करने के लिए जब उज्जैन से राजधानी भोपाल पहुंचे, तो उनके स्वागत का नजारा देखने लायक था। सादगी के दावों के बीच, अध्यक्ष महोदय का स्वागत करने और शक्ति प्रदर्शन के लिए समर्थकों की लगभग 200 गाड़ियों का एक विशाल काफिला उनके साथ चल रहा था।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इस भव्य स्वागत और गाड़ियों की लंबी कतार के वीडियो और खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग प्रधानमंत्री मोदी की किफायत वाली सलाह और नेताओं के इस तरह के भारी-भरकम खर्च व तामझाम के बीच विरोधाभास पर सवाल उठा रहे हैं। मुख्य रूप से यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि जब सरकारें फिजूलखर्ची रोकने का दावा करती हैं, तब इस तरह का शक्ति प्रदर्शन कितना जायज है?
बीजेपी दफ्तर में माल्यार्पण
भोपाल पहुंचने के बाद अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में जाकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। इस दौरान उनके साथ पार्टी के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। सोशल मीडिया पर अब लोग प्रधानमंत्री मोदी के किफायत और पर्यावरण संरक्षण के बयानों और नेताओं के इस फिजूलखर्ची वाले रवैये पर कड़े सवाल उठा रहे हैं


