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उज्जैन: 108 कुण्डीय महायज्ञ में गूंज रहे मंत्र, साध्वी हर्षानंद गिरि ने बताया 52 शक्तिपीठों का महत्व

  • ब्यूरो चीफ, उज्जैन
  • अपडेटेड: 12 मई 2026 | 12:00 PM IST

उज्जैन। श्री वैदिक गौ लोक सनातन पीठ (श्री गव्य लक्ष्मी गांव, लक्ष्मीपुरा) में इन दिनों भक्ति और आस्था का अनूठा समागम देखने को मिल रहा है। यहाँ महंत स्वामी डॉक्टर संदीप दास महाराज के पावन सानिध्य में देवी प्रवचन और 108 कुण्डीय सहस्र चण्डी अतिरुद्र महायज्ञ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। आयोजन के चौथे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला की परिक्रमा की और धर्म लाभ लिया।

माँ जगदंबा के बिना सृष्टि का सृजन संभव नहीं: साध्वी हर्षानंद गिरि

धार्मिक अनुष्ठान के चौथे दिन दिव्य सत्संग को संबोधित करते हुए साध्वी हर्षानंद गिरि ने देवी प्रवचन के अंतर्गत माता के 52 शक्तिपीठों के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि जगत जननी माँ जगदंबा ही इस संसार की मूल शक्ति हैं और उनके बिना सृष्टि का सृजन संभव नहीं है। दिव्य सत्संग में उमड़े हजारों श्रद्धालुओं ने पंडाल में स्थापित देवी-देवताओं के दर्शन किए और यज्ञ के पावन मंत्रों को सुनकर धन्यता का अनुभव किया।

राष्ट्र कल्याण और गौ-रक्षार्थ आहुतियां

कार्यक्रम संयोजक राजपाल सिंह सिसोदिया ने बताया कि यह विशाल अनुष्ठान 14 मई 2026 तक अनवरत जारी रहेगा। महायज्ञ के मुख्य आचार्य पंडित रमाकांत अग्निहोत्री के मार्गदर्शन में 251 विद्वान ब्राह्मणों और 221 यजमान जोड़ों द्वारा वैदिक रीति-रिवाज से अग्नि स्थापन किया गया। इसके बाद गौ-रक्षा और राष्ट्र कल्याण की कामना के साथ महायज्ञ में आहुतियां डालने का क्रम शुरू हुआ।

प्रमुख संतों की गरिमामयी उपस्थिति

प्रवचन के चौथे दिन डॉक्टर रामेश्वर दास महाराज और विशाल दास महाराज विशेष रूप से उपस्थित रहे। आयोजन समिति के अध्यक्ष बद्रीलाल पलोतरा ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे शेष दिनों में आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में सपरिवार सम्मिलित होकर पुण्य लाभ अर्जित करें।

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